
लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी के लिए गले की फांस बने उन्नाव रेप कांड (Unnao Rape Case) के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Sengar) को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। उन्नाव जिले के बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर बलात्कार, हत्या और हत्या के प्रयास के मुकदमे दर्ज हैं। प्रकरण के बाद से ही विपक्षी दल सेंगर को पार्टी से निष्कासित करने का दबाव बीजेपी पर बना रहे थे। इससे पहले मंगलवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने मीडिया में बयान देते हुए कहा था कि कुलदीप सेंगर को बीजेपी पहले से ही निलंबित कर चुकी है।
बुधवार को अयोध्या दौरे पर गये बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को अचानक दिल्ली तलब किया गया था। उन्हें बुलाने के हेलिकाप्टर अयोध्या भेजा गया, जिससे वह लखनऊ आये और फिर यहां से विमान द्वारा दिल्ली रवाना रवाना हुए। माना जा रहा है कि उन्नाव कांड में पार्टी की किरकिरी को देखते हुए शीर्ष नेतृत्व ने स्वतंत्र देव सिंह की मौजूदगी में रेप के आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर को पार्टी से निष्कासित करने का फैसला लिया, जिसके बाद गुरुवार को बीजेपी से सेंगर को निष्कासित करने का एलान किया गया।
दबाव बना रहे थे विपक्षी दल
उन्नाव रेप पीड़िता एक्सीडेंट कांड को लेकर सपा, बसपा और कांग्रेस सहित विपक्षी दल सरकार पर चौतरफा दबाव बना रहे थे। उन्नाव रेप पीड़िता एक्सीडेंट कांड को लेकर राज्यसभा के बाद लोकसभा में भी जमकर हंगामा हुआ। अब तक विधायक को बीजेपी से निष्कासित क्यों नहीं किया गया? इसे लेकर विपक्षी दल सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहे थे। मामले में भारतीय जनता पार्टी बैकफुट पर थी और कहा जा रहा था कि किसी भी वक्त सेंगर को भाजपा से निष्कासित किया जा सकता है।
कुलदीप सिंह सेंगर (राजनीतिक करियर)
- 2002 में बहुजन समाज पार्टी से विधायक बने
- 2007 और 2012 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधायकी का चुनाव जीता
- 2017 में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता
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