लखनऊ

प्रतीक यादव की ‘अनकही’ कहानी जानकर आंख में आ जाएंगे आंसू! वो किस्से जिसने झकझोर दिया

Untold Story Of Prateek Yadav: मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की 'अनकही' कहानी शायद ही आपको मालूम हो। जानिए उनसे जुड़े किस्से।
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May 19, 2026
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Prateek Yadav: फाइल फोटो- @insta iamprateekyadav

Untold Story Of Prateek Yadav: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) के छोटे बेटे प्रतीक यादव (Prateek Yadav) का निधन 13 मई (बुधवार) को हो गया। 38 साल की उम्र में उनका निधन हुआ। प्रतीक यादव की पहचान केवल एक बड़े राजनीतिक परिवार के सदस्य के तौर पर नहीं थी, बल्कि उनका जीवन कई निजी संघर्षों, मानसिक दबाव और विवादों से जुड़ा रहा।

पिता के नाम और पहचान के लिए लंबा इंतजार

प्रतीक यादव का जन्म 7 जुलाई 1987 को हुआ था। उनकी मां साधना गुप्ता और मुलायम सिंह यादव के रिश्तों को लेकर लंबे समय तक सार्वजनिक रूप से चर्चा होती रही, लेकिन प्रतीक को परिवार में आधिकारिक पहचान मिलने में काफी समय लगा। कई सालों तक वह सार्वजनिक जीवन से दूर रहे। साल 2003 में मुलायम सिंह यादव की पहली पत्नी मालती देवी के निधन के बाद स्थिति बदली। इसके बाद अमर सिंह के हस्तक्षेप से इस रिश्ते को पहचान मिली। फिर साल 2007 के चुनावी हलफनामे में पहली बार मुलायम सिंह यादव ने साधना गुप्ता को अपनी दूसरी पत्नी और प्रतीक यादव को अपना बेटा स्वीकार किया।

राजनीति से दूरी, फिटनेस और लग्जरी लाइफस्टाइल से लगाव

जहां अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) राजनीति में सक्रिय हो चुके थे, वहीं प्रतीक यादव ने हमेशा खुद को सियासत से दूर रखा। उन्हें फिटनेस का बेहद शौक था और वह लखनऊ में हाई-एंड जिम का संचालन करते थे।

प्रतीक को लग्जरी कारों और एडवेंचर स्पोर्ट्स का भी काफी शौक था। बताया जाता है कि उनके पास करोड़ों रुपये की लग्जरी कारें थीं, जिनमें लैंबॉर्गिनी ऊरुस जैसी गाड़ियां भी शामिल थीं।

करोड़ों की ठगी और रंगदारी का आरोप

प्रतीक यादव का नाम जुलाई 2025 में एक बड़े कारोबारी विवाद में भी सामने आया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि चिनहट निवासी कृष्णानंद पांडे ने जमीन में निवेश के नाम पर उनसे करोड़ों रुपये लिए थे। प्रतीक यादव का कहना था कि जब उन्होंने अपने निवेश का हिसाब मांगा, तो उन्हें फर्जी ऑडियो वायरल करने और पॉक्सो एक्ट में फंसाने की धमकी दी गई। साथ ही उनसे 4 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का भी आरोप लगाया गया था। बताया गया कि इस पूरे विवाद और आर्थिक नुकसान ने उन्हें मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया था।

माता-पिता के निधन के बाद बढ़ा मानसिक दबाव

साल 2022 प्रतीक यादव के लिए सबसे कठिन दौर साबित हुआ। पहले उनकी मां साधना गुप्ता का निधन हुआ और उसके कुछ महीनों बाद ही पिता मुलायम सिंह यादव भी दुनिया से चले गए। इन घटनाओं के बाद पारिवारिक परिस्थितियां भी बदलती चली गईं।

सोशल मीडिया पोस्ट के बाद बढ़ी चर्चाएं

जनवरी 2026 में प्रतीक यादव की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं। इस पोस्ट में उन्होंने तलाक लेने की इच्छा जताई थी और पारिवारिक रिश्तों को लेकर नाराजगी जाहिर की थी। पोस्ट सामने आने के बाद निजी जीवन को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया?

डॉक्टरों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार प्रतीक यादव की मौत की वजह पल्मोनरी थ्रोम्बो एंबोलिज्म बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक उनके फेफड़ों की नस में खून का थक्का जम गया था। इसके चलते कार्डियो रेस्पिरेटरी कोलैप्स की स्थिति बनी, जिसमें दिल और सांस दोनों की प्रक्रिया प्रभावित हुई। यही उनकी मौत का मुख्य कारण बताया गया है।