
Uttar Pradesh By Election News: उत्तर प्रदेश की घोसी, दुद्धी और फरीदपुर विधानसभा सीटों पर अब उपचुनाव नहीं होंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया कि विधानसभा चुनाव में एक साल से भी कम समय बचा है, इसलिए इन रिक्त सीटों पर अलग से मतदान नहीं कराया जाएगा। अब इन तीनों क्षेत्रों के मतदाताओं को अपना नया विधायक चुनने के लिए अगले आम विधानसभा चुनाव का इंतजार करना होगा।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने में अब एक साल से भी कम समय बचा है। ऐसे में इन तीनों रिक्त सीटों पर अलग से उपचुनाव कराने की आवश्यकता नहीं है। इसी कारण आयोग ने उपचुनाव नहीं कराने का निर्णय लिया है। उनके इस बयान के बाद घोसी, दुद्धी और फरीदपुर सीटों पर उपचुनाव की सभी अटकलों पर विराम लग गया है। अब इन सीटों के मतदाता सीधे अगले विधानसभा चुनाव में अपने प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह जानकारी लखनऊ स्थित भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान में आयोजित राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन के दौरान दी। इस मौके पर उन्होंने आयोग की हाल की चुनावी गतिविधियों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग पिछले कुछ महीनों से विभिन्न चुनावी प्रक्रियाओं में व्यस्त था। पहले उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान 10 अप्रैल तक चलाया गया। इसके बाद पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों के चुनाव और अन्य निर्वाचन संबंधी कार्यों के कारण आयोग लगातार व्यस्त रहा।
चुनाव आयोग के फैसले का मतलब है कि इन तीनों विधानसभा क्षेत्रों में अब अलग से वोटिंग नहीं कराई जाएगी। जब उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव होगा, तभी घोसी, दुद्धी और फरीदपुर सीटों पर भी मतदान कराया जाएगा। इससे इन सीटों पर उपचुनाव कराने की पूरी प्रक्रिया समाप्त हो गई है।
ज्ञानेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में हर चुनाव संविधान, चुनावी कानूनों और निर्वाचन आयोग के तय नियमों के अनुसार कराया जाता है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इन नियमों को समझकर पूरी जिम्मेदारी के साथ पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव ही भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं।