
UP Assembly Monsoon Session: उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया है। सत्र की कार्यवाही में हिस्सा लेने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने इस सत्र को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विधानसभा के इस मंच का सबसे बेहतर उपयोग करना BJP और NDA की हमेशा से प्राथमिकता रही है। इस दौरान सीएम योगी ने विपक्ष खासकर समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पिछले 9 वर्षों में सरकार ने छह करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालकर मध्यम वर्ग में लाया है जिससे, उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। किसानों की मेहनत की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि यूपी के किसान बेहद मेहनती हैं और आज वे देश के कुल खाद्यान्न का 21 से 22 प्रतिशत उत्पादन अकेले कर रहे हैं। सरकार किसानों की समृद्धि के लिए उनके बाकी मुद्दों के समाधान पर भी लगातार काम कर रही है।
सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जिनके राज में किसानों के हितों पर गहरी चोट पहुंची और जिन्हें खेतों के लिए पानी तक नहीं मिला वे आज किसानों की बात करके उनके जख्मों पर नमक छिड़क रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि सपा सरकार के समय गन्ने का बकाया दस साल तक नहीं चुकाया गया था। किसानों के हितों की रक्षा करने के बजाय उन्हें आत्महत्या और पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा था और उनके ट्यूबवेल तक सुरक्षित नहीं थे। वहीं इसके उलट प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किसानों के लिए 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' और 'प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना' जैसी अहम पहल लागू की गई हैं।
अयोध्या और राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर मुख्यमंत्री ने बेहद तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का मुद्दा उठाने वाले ये वही लोग हैं जिन्होंने अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं। इन्होंने अदालतों में वकीलों की फौज खड़ी करके श्री राम मंदिर निर्माण की पूरी प्रक्रिया में अड़ंगा डालने की कोशिश की थी। सीएम योगी ने कड़े शब्दों में कहा कि मंदिर के चंदे में चोरी की बात करने वाले ये वही लोग हैं जिन्होंने इसके निर्माण में अपनी जेब से एक पैसा भी दान नहीं दिया है।
सीएम योगी ने कहा कि सरकार जनता के हितों और प्रदेश के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है और विधानसभा का यह सत्र भी जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहेगा। यह सत्र प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसका उपयोग प्रदेश के विकास, किसानों, गरीबों और जनता से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा के लिए होना चाहिए।
सत्र के पहले दिन दिवंगत नेताओं और प्रमुख हस्तियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। दूसरे दिन सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी। तीसरे दिन विधायी कार्य होंगे। अंतिम दिन अनुपूरक अनुदानों पर चर्चा, मांगों पर मतदान और विनियोग विधेयक पारित कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।बसपा प्रमुख ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की मजबूती के लिए सरकार और विपक्ष दोनों का जिम्मेदार संसदीय आचरण जरूरी है। उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है।