
Uttar Pradesh Bio Era Rajnath Singh: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के विकास और स्वरूप को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। राजनाथ सिंह ने अपने तीन दिन के दौरे पर जब लखनऊ पहुंचें तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राज में उत्तर प्रदेश पूरी तरह बदल चुका है। राज्य अब 'बाहुबली युग' यानी अपराध के दौर से बाहर निकलकर 'बायो युग' यानी पर्यावरण और विकास के नए दौर की तरफ तेजी से आगे बढ़ रहा है। राजनाथ सिंह विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर लखनऊ छावनी बोर्ड और बलरामपुर चीनी मिल लिमिटेड (BCML) द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम 'बायोयुग ग्रीन कमांड-2026' में बोल रहे थे।
मंच से देश की सुरक्षा और सेना के शौर्य का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री ने एक बड़े सैन्य अभियान की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पिछले साल पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण हमले के बाद हमारी तीनों सेनाओं ने मिलकर 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया था। इस ऑपरेशन के तहत हमारी जांबाज सेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों पर चुन-चुनकर हमला किया और आतंकियों के साथ-साथ उनके आकाओं को भी मिट्टी में मिला दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि यह सफलता इसलिए मिली क्योंकि भारत के पास अपने स्वदेशी हथियार थे और हम किसी दूसरे देश पर निर्भर नहीं थे। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि रक्षा क्षेत्र की तरह ही हमें ऊर्जा, ईंधन और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी पूरी तरह आत्मनिर्भर बनना होगा।
पर्यावरण को बचाने की अपील करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि प्लास्टिक से निकलने वाला कचरा इंसानों की सेहत, जमीन पानी और समुद्री जीवों के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने लोगों से सिंगल-यूज प्लास्टिक को पूरी तरह छोड़ने और उसकी जगह कपड़े के थैलों का इस्तेमाल करने को कहा। उन्होंने आगे बताया कि गन्ने से बनने वाला बायोप्लास्टिक इसका सबसे अच्छा उपाय है, क्योंकि यह मिट्टी में मिलकर अपने आप नष्ट हो जाता है और इससे कोई प्रदूषण भी नहीं फैलता।
इस खास कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए लखनऊ छावनी बोर्ड और बलरामपुर चीनी मिल के बीच बायोप्लास्टिक इस्तेमाल करने का एक आधिकारिक समझौता भी हुआ। इसके साथ ही वहां एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जहां 3D प्रिंटिंग की ट्रेनिंग लेने वाली ITI की होनहार छात्राओं को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया गया। इस मौके पर बीसीएमएल के चेयरमैन विवेक सरावगी ने कहा कि आने वाले समय में बायोमटेरियल्स ही ग्लोबल इकोनॉमी का मुख्य आधार होंगे। वहीं कंपनी की कार्यकारी निदेशक अवंतिका सरावगी ने इस पहल को किसानों, उद्योगों और प्रकृति तीनों के लिए गेम-चेंजर बताते हुए भारत के हरित भविष्य (Green Future) की ओर एक बड़ा कदम बताया है।