Medical Education: उत्तर प्रदेश ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाई छू ली है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए राज्य में एमबीबीएस और पीजी की कुल 1221 सीटें बढ़ाई गई हैं। इससे न केवल डॉक्टरों की संख्या में बढ़ोतरी होगी बल्कि प्रदेश के लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
UP Big Medical Leap: उत्तर प्रदेश ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में यह कदम ऐतिहासिक साबित हुआ है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए प्रदेश में एमबीबीएस और पीजी (एमडी/एमएस) की कुल 1221 नई सीटों की मंजूरी दी गई है। इसमें एमबीबीएस की 950 और पीजी की 271 सीटें शामिल हैं। इस बढ़ोतरी के बाद प्रदेश में अब एमबीबीएस की कुल 12,800 सीटें और पीजी की 4,297 सीटें हो गई हैं। यह फैसला न केवल राज्य के युवाओं को चिकित्सा क्षेत्र में नए अवसर प्रदान करेगा, बल्कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक बड़ा कदम भी माना जा रहा है।
शैक्षणिक सत्र 2024-25 में प्रदेश में एमबीबीएस की कुल 11,850 सीटें थी, इनमें 5,250 सरकारी और 6,600 निजी क्षेत्र की सीटें शामिल थीं। अब नए सत्र में 200 सरकारी और 750 निजी सीटों की मंजूरी के बाद यह संख्या बढ़कर 12,800 हो गई है।
सरकारी क्षेत्र में नई सीटों की मंजूरी अमेठी, वाराणसी और नोएडा के सरकारी मेडिकल कॉलेजों को दी गई है -
निजी क्षेत्र में 750 सीटों की वृद्धि के साथ कुल 7,350 एमबीबीएस सीटें अब उपलब्ध होंगी। नई सीटों की मंजूरी निम्नलिखित निजी मेडिकल कॉलेजों को दी गई है--
इन संस्थानों में सीटों के विस्तार से प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच में बड़ा सुधार होगा।
सत्र 2024-25 में प्रदेश के सरकारी और निजी कॉलेजों में 4,026 पीजी सीटें थीं। इनमें 1,904 सरकारी और 2,122 निजी क्षेत्र की सीटें शामिल थीं।
सरकारी कॉलेजों में 233 नई सीटें और नारायणा मेडिकल कॉलेज, कानपुर में 38 नई निजी सीटें जोड़ी गई हैं। इस तरह अब सरकारी क्षेत्र में कुल 2,137 सीटें और निजी क्षेत्र में 2,160 सीटें उपलब्ध होंगी। राज्य में अब कुल 4,297 पीजी सीटें हो गई हैं।
प्रदेश के विभिन्न राजकीय मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा विश्वविद्यालयों में डीएम/एमसीएच जैसी सुपर स्पेशियलिटी सीटें 282 हैं। इनमें न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और प्लास्टिक सर्जरी जैसे उच्च चिकित्सा पाठ्यक्रम शामिल हैं। इन कोर्सों में प्रवेश मिलने से प्रदेश को सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की एक नई पीढ़ी मिलेगी जो गंभीर बीमारियों के इलाज में अहम भूमिका निभाएगी।
महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा, डॉ. अपर्णा यू. ने बताया कि इस सीट वृद्धि से राज्य में कुशल चिकित्सकों की उपलब्धता में तेजी से बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर जिले में उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा शिक्षा और उपचार की सुविधा उपलब्ध हो। इस फैसले से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी दूर होगी। उन्होंने आगे बताया कि नई सीटों के साथ अब सर्जरी, मेडिसिन, ऑर्थोपेडिक्स, रेडियोथेरेपी, ईएनटी, पीडियाट्रिक्स और गायनोकोलॉजी जैसे विषयों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
इन नई सीटों का असर केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आम जनता को भी इसका बड़ा लाभ मिलेगा।