
लखनऊ, लखीमपुर, बाराबंकी और रायबरेली में ठंडी हवाओं से बढ़ी ठिठुरन (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
Cold Winds Grip Central UP: उत्तर प्रदेश के मध्य और तराई अंचल में सर्दी ने एक बार फिर अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। राजधानी लखनऊ समेत लखीमपुर, बाराबंकी और रायबरेली जिलों में बीते 24 घंटों के दौरान ठंडी हवाओं के चलते ठिठुरन काफी बढ़ गई है। हालांकि, हवाओं के चलने से जहां लोगों को कोहरे से राहत मिली, वहीं तापमान में आई तेज गिरावट ने सर्दी का एहसास और बढ़ा दिया है। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान में करीब 5.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
राजधानी लखनऊ में गुरुवार , शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात से ही उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही ठंडी हवाओं ने मौसम का मिजाज बदल दिया। सुबह के समय कोहरा अपेक्षाकृत कम देखने को मिला, जिससे सड़क और रेल यातायात सामान्य बना रहा, लेकिन हवा में ठंडक इतनी अधिक थी कि लोग गर्म कपड़ों में भी ठिठुरते नजर आए। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार लखनऊ का न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.8 डिग्री अधिक रहा, जबकि अधिकतम तापमान गिरकर 14.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो सामान्य से 5.5 डिग्री कम है।
लखीमपुर खीरी जिले में भी मौसम का असर साफ तौर पर देखा गया। यहां सुबह के समय हल्की धुंध जरूर रही, लेकिन तेज हवाओं के कारण घना कोहरा नहीं छाया। इसके बावजूद ठंडी हवाओं ने आम जनजीवन को प्रभावित किया। ग्रामीण इलाकों में लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव करते नजर आए। किसान वर्ग खास तौर पर सर्द हवाओं से चिंतित दिखा, क्योंकि इस समय रबी की फसलों पर मौसम का सीधा असर पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार, हल्की ठंड गेहूं और सरसों की फसलों के लिए लाभकारी होती है, लेकिन अत्यधिक ठंड और पाले की स्थिति नुकसान पहुंचा सकती है।
बाराबंकी जिले में भी कुछ इसी तरह का मौसम देखने को मिला। सुबह के समय सड़कों पर कोहरा न होने से यातायात सुचारू रहा, लेकिन ठंडी हवाओं ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। स्कूल जाने वाले बच्चों और सुबह टहलने निकलने वाले बुजुर्गों को खास परेशानी का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में लोग सुबह-सुबह अलाव के पास जुटे नजर आए। स्थानीय प्रशासन की ओर से जरूरतमंदों के लिए रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था की गई है, ताकि सर्दी से राहत मिल सके। रायबरेली में भी तापमान में गिरावट का असर साफ दिखाई दिया। यहां अधिकतम तापमान में आई कमी के कारण दिन में भी ठंड का एहसास बना रहा। आमतौर पर दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत मिलती है, लेकिन ठंडी हवाओं के चलते धूप भी ज्यादा असरदार नहीं साबित हो सकी। बाजारों में गर्म कपड़ों की खरीदारी बढ़ गई है। स्वेटर, जैकेट, शॉल और कंबलों की मांग में अचानक इजाफा देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है। पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। हालांकि, हवाओं की वजह से नमी कम हो रही है, जिससे कोहरा फिलहाल कम बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगर हवाओं की गति कमजोर पड़ी, तो आने वाले दिनों में एक बार फिर कोहरे का असर बढ़ सकता है। ठंड बढ़ने का असर स्वास्थ्य पर भी देखने को मिल रहा है। अस्पतालों में सर्दी-जुकाम, खांसी और सांस से जुड़ी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में खासकर बुजुर्गों और बच्चों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह और रात के समय बाहर निकलते वक्त गर्म कपड़े पहनने, ठंडे पेय पदार्थों से बचने और शरीर को गर्म रखने की सलाह दी जा रही है।
ठंडी हवाओं का असर दिहाड़ी मजदूरों और खुले में काम करने वाले लोगों पर भी पड़ा है। निर्माण स्थलों और खेतों में काम करने वाले मजदूरों को ठंड के कारण काम करने में दिक्कत हो रही है। कई जगहों पर काम की गति धीमी पड़ गई है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय प्रशासन द्वारा जरूरतमंदों को कंबल और गर्म कपड़े वितरित किए जा रहे हैं। यातायात के लिहाज से देखें तो फिलहाल कोहरा कम होने के कारण सड़क और रेल सेवाएं सामान्य बनी हुई हैं। लखनऊ, बाराबंकी और रायबरेली से गुजरने वाली ट्रेनों का संचालन समय पर हो रहा है, जबकि हवाई सेवाओं पर भी कोई खास असर नहीं पड़ा है। हालांकि, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तापमान में और गिरावट आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
आने वाले दिनों के मौसम को लेकर विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों तक ठंडी हवाएं चलती रहेंगी। इससे न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट संभव है, जबकि अधिकतम तापमान भी सामान्य से नीचे बना रह सकता है। इसके साथ ही, रात और सुबह के समय ठंड का असर और बढ़ सकता है। कुल मिलाकर लखनऊ, लखीमपुर, बाराबंकी और रायबरेली में ठंडी हवाओं ने सर्दी का असर तेज कर दिया है। भले ही कोहरे से फिलहाल राहत मिली हो, लेकिन तापमान में आई गिरावट ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले दिनों में सर्दी से अभी पूरी तरह राहत मिलने की संभावना कम है, ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की जरूरत है।
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Published on:
03 Jan 2026 11:31 am
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