
लखनऊ(UP Politics) : उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठनात्मक स्तर पर बड़े बदलाव की तैयारी तेज कर दी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में दिल्ली में चल रही उच्चस्तरीय बैठकों के बाद प्रदेश कार्यकारिणी और क्षेत्रीय अध्यक्षों की नई सूची जल्द घोषित होने की संभावना है।
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह लगातार दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व (बीएल संतोष और विनोद तावड़े सहित) के साथ बैठकें कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, आज या आने वाले दिनों में यूपी की नई प्रदेश इकाई और क्षेत्रीय अध्यक्षों की फाइनल लिस्ट पर मुहर लग सकती है।
दिसंबर 2025 में पंकज चौधरी (महाराजगंज से सात बार के सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री, कुर्मी चेहरा) को यूपी BJP का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद यह पहला बड़ा संगठनात्मक पुनर्गठन है। 2024 लोकसभा चुनावों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए पार्टी बूथ-लेवल मजबूती, नए चेहरों की इंडक्शन और सामाजिक समीकरण साधने पर जोर दे रही है।
क्षेत्रीय अध्यक्षों में बदलाव तय, जाति-उम्र-क्षेत्र पर फोकस
यूपी BJP को 6 क्षेत्रों (काशी, अवध, गोरखपुर, कानपुर, ब्रज, बुंदेलखंड) में बांटा गया है। सूत्र बताते हैं कि सभी 6 क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदले जाने की तैयारी है।
यह फेरबदल योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आ रहा है। पार्टी बिहार मॉडल की तर्ज पर संगठन को री-स्टॉक करना चाहती है, जहां बड़े पैमाने पर चेहरों में बदलाव देखे गए। 2024 के लोकसभा नतीजों (यूपी में BJP को हुई सीटों की कमी) के सबक को लागू करते हुए एंटी-इंकबेसी कम करने, SP की PDA रणनीति का मुकाबला करने और OBC-युवा आउटरीच मजबूत करने पर फोकस है।
पंकज चौधरी का कुर्मी बैकग्राउंड पूर्वांचल में OBC वोटों को और मजबूत कर सकता है, जबकि धर्मपाल सिंह जैसे संगठनात्मक चेहरों की भूमिका ग्राउंड लेवल पर मजबूती में अहम होगी।