लखनऊ

पीडीए की काट के लिए ‘दलित उपमुख्यमंत्री’ ला सकती है बीजेपी, तीसरे डिप्टी सीएम पर चर्चा तेज

UP Cabinet Expansion After Holi: होली के बाद उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा तेज हो गई है। नए चेहरों की एंट्री, विभागों में फेरबदल और तीसरे डिप्टी सीएम बनाए जाने की संभावनाएं राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हैं।

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Mar 02, 2026
यूपी मंत्रिमंडल विस्तार तय, नए मंत्री और तीसरे डिप्टी सीएम की चर्चा (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Holi After Cabinet Expansion: उत्तर प्रदेश की राजनीति में होली के बाद बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार प्रदेश सरकार चुनावी रणनीति को मजबूत करने के उद्देश्य से जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि होली के बाद मुख्यमंत्री के नेतृत्व में होने वाला यह विस्तार आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संतुलन साधने वाला होगा।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बार मंत्रिमंडल विस्तार केवल नए चेहरों को शामिल करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कई महत्वपूर्ण विभागों में फेरबदल भी किया जा सकता है। सरकार संगठन और सत्ता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए व्यापक बदलाव की तैयारी में है।

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तीसरे डिप्टी सीएम की चर्चा तेज

सूत्रों के मुताबिक, इस विस्तार में तीसरे उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) के पद पर भी फैसला हो सकता है। हालांकि आधिकारिक स्तर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक समीकरणों को साधने और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए यह विकल्प गंभीरता से विचाराधीन बताया जा रहा है।  मानना है कि लोकसभा चुनाव और आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा नेतृत्व प्रदेश में मजबूत संदेश देना चाहता है। ऐसे में क्षेत्रीय, जातीय और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए नई नियुक्तियां की जा सकती हैं।

पूजा और मनोज को मिल सकती है जिम्मेदारी

राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में दो नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं,पूजा पाल और मनोज पांडेय । बताया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी से निष्कासित हुए कुछ विधायकों में से इन दोनों नेताओं को सरकार में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। यदि ऐसा होता है तो यह कदम राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाएगा, क्योंकि इससे विपक्षी दलों को बड़ा झटका लग सकता है और सत्ता पक्ष अपनी संख्या और प्रभाव दोनों मजबूत करने की कोशिश करेगा।

विभागों में भी होगा बड़ा फेरबदल

मंत्रिमंडल विस्तार के साथ कई मंत्रियों के विभाग बदले जाने की भी संभावना जताई जा रही है। सरकार प्रदर्शन के आधार पर विभागों का पुनर्गठन कर सकती है। कुछ मंत्रियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि कुछ से अहम विभाग वापस भी लिए जा सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सरकार प्रशासनिक कार्यों की गति तेज करने और जनता से जुड़े मुद्दों पर बेहतर परिणाम देने के लिए यह बदलाव कर सकती है।

चुनावी रणनीति से जुड़ा फैसला

माना जा रहा है कि यह मंत्रिमंडल विस्तार पूरी तरह चुनावी रणनीति का हिस्सा है। प्रदेश में विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था और सामाजिक संतुलन को प्रमुख मुद्दा बनाकर सरकार नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ना चाहती है। होली के बाद संभावित विस्तार को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विभिन्न दलों के नेता लगातार राजधानी लखनऊ में सक्रिय नजर आ रहे हैं और राजनीतिक बैठकों का दौर भी बढ़ गया है।

आधिकारिक घोषणा का इंतजार

हालांकि अब तक सरकार की ओर से मंत्रिमंडल विस्तार की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सत्ता और संगठन स्तर पर चल रही तैयारियों ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि त्योहारों के बाद किसी भी समय इस संबंध में बड़ा फैसला सामने आ सकता है। प्रदेश की जनता और राजनीतिक दलों की नजर अब होली के बाद होने वाले संभावित मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी हुई है, जो आने वाले समय की राजनीति की दिशा तय कर सकता है।

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