लखनऊ

UP Cop App 2026 : यूपी कॉप एप बना आमजन का सारथी, घर बैठे एफआईआर और 27 सेवाओं से बदली यूपी पुलिसिंग

UP Cop App: योगी सरकार की स्मार्ट पुलिसिंग पहल के तहत यूपी पुलिस का यूपी कॉप एप आमजन के लिए डिजिटल पुलिस स्टेशन बन गया है। घर बैठे एफआईआर, सत्यापन सहित 27 सेवाओं की सुविधा से लोगों को थानों के चक्कर से मुक्ति मिली है और सेवाओं के निस्तारण में रिकॉर्ड समय की कमी दर्ज हुई है।

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Jan 11, 2026
घर बैठे एफआईआर से लेकर 27 सेवाओं का लाभ, आमजन के लिए बना भरोसे का सारथी (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

UP Cop App Emerges as Digital Police Station: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के नेतृत्व में पिछले लगभग पौने नौ वर्षों में पुलिसिंग के क्षेत्र में बड़े और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिले हैं। पारंपरिक पुलिसिंग से आगे बढ़ते हुए सरकार ने टेक्नोलॉजी को जनसेवा का मजबूत माध्यम बनाया है। इसी दिशा में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा विकसित ‘यूपीकॉप एप’ और सिटीजन पोर्टल आज आमजन के लिए एक “डिजिटल पुलिस स्टेशन” के रूप में कार्य कर रहे हैं। इस डिजिटल पहल ने न केवल पुलिस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है, बल्कि प्रदेशवासियों को थानों के चक्कर लगाने से भी काफी हद तक राहत दिलाई है।

आमजन के लिए राहत और भरोसे का माध्यम बना यूपी कॉप एप

योगी सरकार की स्मार्ट पुलिसिंग नीति का सबसे बड़ा उदाहरण यूपी कॉप एप है। इस ऐप के माध्यम से प्रदेशवासी अब घर बैठे एफआईआर दर्ज कराने, एफआईआर की कॉपी डाउनलोड करने सहित 27 प्रकार की पुलिस सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। पहले जिन सेवाओं के लिए लोगों को कई बार थाने जाना पड़ता था, अब वही सेवाएं कुछ क्लिक में मोबाइल पर उपलब्ध हो रही हैं। यह बदलाव केवल सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पुलिस और जनता के बीच भरोसे का रिश्ता भी मजबूत हुआ है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के कारण अब हर आवेदन का रिकॉर्ड सुरक्षित है और उसकी स्थिति भी आवेदक स्वयं देख सकता है।

50 लाख डाउनलोड, 2.1 करोड़ से अधिक एफआईआर डाउनलोड

उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक राजीव कृष्ण ने यूपी कॉप एप की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच के चलते पुलिसिंग को जन केंद्रित और तकनीक आधारित बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यूपी कॉप एप ने थानों के चक्कर लगाने की मजबूरी को काफी हद तक कम कर दिया है और आमजन को सशक्त बनाया है।”

डीजीपी के अनुसार अब तक

  • 50 लाख से अधिक यूजर्स यूपी कॉप एप को डाउनलोड कर चुके हैं।
  • एप के माध्यम से 2.1 करोड़ से अधिक एफआईआर की कॉपी डाउनलोड की जा चुकी है।
  • 7.3 लाख से अधिक लोगों ने खोये सामान (Lost Article) की रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज कराई है।
  • ये आंकड़े प्रदेश में डिजिटल पुलिसिंग की सफलता और लोगों के बढ़ते भरोसे को दर्शाते हैं।

27 सेवाएं, एक एप-डिजिटल पुलिस स्टेशन की अवधारणा साकार

यूपी कॉप एप के माध्यम से आमजन जिन प्रमुख सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं, उनमें शामिल हैं-

  • ऑनलाइन एफआईआर पंजीकरण
  • एफआईआर की कॉपी डाउनलोड
  • खोया सामान रिपोर्ट (Lost Article)
  • चरित्र सत्यापन
  • किरायेदार सत्यापन
  • घरेलू सहायक सत्यापन
  • कर्मचारी सत्यापन
  • शिकायत पंजीकरण
  • आवेदन की स्थिति ट्रैक करना

इन सेवाओं के ऑनलाइन होने से न केवल समय की बचत हुई है, बल्कि भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी की शिकायतों में भी कमी आई है।

सेवाओं के निस्तारण की समयावधि में ऐतिहासिक कमी

यूपी कॉप एप का सबसे बड़ा लाभ सेवाओं के तेज और समयबद्ध निस्तारण के रूप में सामने आया है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि डिजिटल प्रक्रिया के कारण विभिन्न सेवाओं के निस्तारण में लगने वाला समय काफी कम हो गया है।

  • चरित्र सत्यापन
  • पहले: लगभग 8 दिन
  • अब: लगभग 6 दिन
  • किरायेदार सत्यापन
  • पहले: 24–25 दिन
  • अब: लगभग 8 दिन
  • कर्मचारी सत्यापन
  • पहले: लगभग 13 दिन
  • अब: लगभग 5 दिन

यह कमी इस बात का प्रमाण है कि टेक्नोलॉजी आधारित प्रणाली ने पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक कुशल और जवाबदेह बनाया है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस यूपी कॉप एप

डीजीपी ने बताया कि यूपी कॉप एप को लगातार अपग्रेड किया जा रहा है ताकि आमजन को बेहतर अनुभव मिल सके। एप में कई आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं-

  • रीयल-टाइम नोटिफिकेशन, जिससे आवेदक को आवेदन की स्थिति की तुरंत जानकारी मिलती है
  • हिंदी और अंग्रेजी भाषा में उपलब्धता, जिससे हर वर्ग के लोग आसानी से उपयोग कर सकें
  • एसओएस बटन और लोकेशन ट्रैकिंग, जो आपात स्थिति में बेहद उपयोगी हैं
  • नजदीकी पुलिस स्टेशन का मैप, जिससे मदद तुरंत मिल सके
  • इन सुविधाओं ने यूपीकॉप एप को केवल एक एप नहीं, बल्कि आमजन के लिए सुरक्षा कवच बना दिया है।

पब्लिक ग्रेवांस रिव्यू पोर्टल भी बना प्रभावी मंच

यूपी कॉप एप के साथ-साथ योगी सरकार का पब्लिक ग्रेवांस रिव्यू पोर्टल भी आमजन के लिए एक मजबूत माध्यम बनकर उभरा है। इस पोर्टल के जरिए नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज कराते हैं, जिनकी नियमित समीक्षा और समयबद्ध निस्तारण किया जाता है। इस व्यवस्था से पुलिस की जवाबदेही बढ़ी है और आम नागरिकों को यह भरोसा मिला है कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना और सुलझाया जा रहा है।

स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम

डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि यूपी कॉप एप उत्तर प्रदेश पुलिस का ‘डिजिटल पुलिस स्टेशन’ है, जो नागरिकों की शिकायतों और सेवाओं के त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण की व्यवस्था देता है। टेक्नोलॉजी के माध्यम से हम सेवा प्रक्रियाओं का मानकीकरण कर रहे हैं, ताकि हर आवेदन पर समान गति और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी आधारित जन शिकायत निवारण ही स्मार्ट पुलिसिंग का वास्तविक अर्थ है।

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