
UP election strategy : योगी आदित्यनाथ सरकार अब पूरी तरह चुनावी मोड में आ गई है। लोकसभा चुनाव के बाद अब विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर सरकार ने मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में बड़ा बदलाव कर दिया है। बुधवार को जारी इस फेरबदल में कई मंत्रियों के जिलों को बदला गया, जबकि कुछ नए मंत्रियों को भी महत्वपूर्ण जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि प्रभारी मंत्रियों के चयन और बदलाव में जिलों के सियासी समीकरण, जातीय-समाजिक संतुलन और आगामी चुनावी रणनीति को विशेष रूप से ध्यान में रखा गया है। संगठन इस बार लोकसभा चुनाव से सबक लेते हुए रणनीति बना रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा दोनों उपमुख्यमंत्री (ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य) के पास पहले की तरह ही 25-25 जिलों का प्रभार रहेगा।
सरकार के इस कदम को जिला स्तर पर संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों में बेहतर समन्वय बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। प्रभारी मंत्री अब अपने-अपने जिलों में विकास कार्यों की समीक्षा, जनसमस्याओं के निस्तारण और पार्टी संगठन के साथ बेहतर तालमेल बैठाने की जिम्मेदारी संभालेंगे।