
Monsoon Hits Uttar Pradesh: Heavy Rain Alert Issued as Temperature Drops Across State: उत्तर प्रदेश में आखिरकार मानसून ने पूरी तरह दस्तक दे दी है। लंबे समय से भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को अब राहत मिलने लगी है। मंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में मानसून की पहली अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। बारिश के चलते तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई और लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली। मौसम विभाग का कहना है कि बुधवार से अगले दो-तीन दिनों के भीतर मानसून पूरे उत्तर प्रदेश में सक्रिय हो जाएगा, जिससे अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार मानसून फिलहाल प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में तेजी से सक्रिय हो चुका है। सोनभद्र, चंदौली, गाजीपुर, बलिया, आजमगढ़, गोरखपुर और अयोध्या सहित पूर्वांचल एवं पूर्वी तराई के अधिकांश जिले मानसून की चपेट में आ चुके हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक पहुंच जाएगा और पूरा प्रदेश इसकी बारिश से सराबोर होगा। इससे खेती-किसानी के साथ-साथ पेयजल संकट और भीषण गर्मी से भी लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने बुधवार के लिए प्रदेश के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर और बरेली में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं बांदा, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी समेत लगभग 30 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और खुले मैदानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है।
राजधानी लखनऊ में मंगलवार की सुबह से ही मौसम सुहाना बना रहा। दिनभर रुक-रुककर हल्की बारिश और रिमझिम फुहारों का सिलसिला चलता रहा। बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं ने वातावरण को पूरी तरह बदल दिया। कई दिनों से तेज धूप और उमस से परेशान लोगों को आखिरकार राहत मिली। शहर के बाजारों, पार्कों और सड़कों पर लोग बदले हुए मौसम का आनंद लेते नजर आए। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों से लेकर स्कूली बच्चों तक सभी ने इस सुहाने मौसम का अनुभव किया।
लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्रों मलिहाबाद, मोहनलालगंज और काकोरी सहित आसपास के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। खेतों में पानी भरने से किसानों के चेहरे खिल उठे। धान की रोपाई का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी नियमित बारिश होती रही तो खरीफ फसलों की बुवाई और उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
बारिश का सबसे बड़ा असर तापमान पर देखने को मिला। मंगलवार को राजधानी लखनऊ का अधिकतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट के साथ 32.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान भी 0.8 डिग्री की कमी के साथ 28.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून के सक्रिय होने से अगले कुछ दिनों तक तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिलेगी।
मानसून की समय पर आमद किसानों के लिए बेहद सुखद समाचार मानी जा रही है। पिछले कुछ सप्ताह से बारिश नहीं होने के कारण खेत सूखे पड़े थे और किसान मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। अब बारिश शुरू होने के साथ ही धान, मक्का, बाजरा, तिल और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आने की संभावना है। कृषि विभाग ने भी किसानों को मौसम के अनुसार खेती संबंधी कार्य करने की सलाह दी है ताकि वर्षा का पूरा लाभ उठाया जा सके।
मौसम विभाग ने गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका को गंभीरता से लेने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के दौरान खुले मैदानों में काम करने से बचना चाहिए। किसान खेतों में कार्य करते समय विशेष सावधानी बरतें और मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। मोबाइल फोन का सीमित उपयोग करें तथा ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। थोड़ी सी सावधानी किसी भी बड़े हादसे को टाल सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण मानसून और अधिक सक्रिय होने की संभावना है। अगले कुछ दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। राजधानी लखनऊ सहित मध्य उत्तर प्रदेश में बुधवार को भी हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
मानसून की बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दी है, वहीं प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील भी की है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव, फिसलन और यातायात प्रभावित होने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में मानसून की दस्तक ने मौसम का पूरा परिदृश्य बदल दिया है। गर्मी से बेहाल लोगों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है, जबकि किसानों के लिए नई उम्मीदें जगा गई है। यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह मानसून सक्रिय बना रहता है तो प्रदेश में खेती, जल संसाधन और पर्यावरण सभी के लिए यह मौसम बेहद लाभकारी साबित होगा।