
Azam Khan Wife Tanzeem Fatima Statement: समाजवादी पार्टी के नेता आजम खानकी पत्नी तंजीम फातिमा ने जौहर यूनिवर्सिटी और अपने परिवार पर लगे आरोपों को लेकर अपनी बात रखी। एक निजी चैनल से बातचीत में उन्होंने यूनिवर्सिटी की इमारतों को गिराने के नोटिस, परिवार पर दर्ज मुकदमों, अखिलेश यादव के समर्थन, यूनिवर्सिटी में पुलिस कैंप और आजम खान के राजनीतिक भविष्य समेत कई सवालों के जवाब दिए।
इस दौरान तंजीम फातिमा भावुक भी हो गईं। उन्होंने अपने ऊपर दर्ज मुकदमों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रोफेसर पद से रिटायर होने के बाद जब उन्होंने यूनिवर्सिटी का काम संभाला तो रातों-रात उनके खिलाफ 60-70 मुकदमे दर्ज हो गए। उन्होंने कहा कि अचानक उन्हें चोर और डकैत तक बना दिया गया।
जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को गिराने के नोटिस को लेकर तंजीम फातिमा ने कहा कि रामपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (RDA) का गठन 2005 में हुआ था। उस समय सींगनखेड़ा गांव RDA के दायरे में नहीं आता था। उनके मुताबिक, 2015 में नया नोटिफिकेशन जारी कर सींगनखेड़ा को RDA के दायरे में शामिल किया गया। तंजीम फातिमा ने कहा कि जब यूनिवर्सिटी बनी, तब यह इलाका RDA के दायरे में था ही नहीं, ऐसे में वहां का नक्शा अथॉरिटी से पास कराने का सवाल ही नहीं था।
अदालत का फैसला खिलाफ आने पर कमी स्वीकार करने के सवाल पर तंजीम फातिमा ने इसे राजनीतिक मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि सींगनखेड़ा गांव में यूनिवर्सिटी के अलावा सैकड़ों लोग रहते हैं और किसी के घर का नक्शा पास नहीं है। उन्होंने रामपुर और दूसरे शहरों का उदाहरण देते हुए कहा कि DM और SP के सरकारी आवासों के नक्शे भी पास नहीं हैं। तंजीम फातिमा के मुताबिक, अगर प्रशासन कार्रवाई करता है तो इसे सिर्फ एक शिक्षण संस्था को खत्म करने की कार्रवाई माना जाएगा।
परिवार पर दर्ज दर्जनों मुकदमों को लेकर तंजीम फातिमा ने इसे राजनीतिक दुश्मनी बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने से पहले वह डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर थीं और रिटायरमेंट तक उनकी ईमानदारी पर कोई सवाल नहीं उठा। उन्होंने कहा कि रिटायर होने के बाद जब उन्होंने यूनिवर्सिटी का काम संभाला तो उनके खिलाफ 60-70 मुकदमे दर्ज हो गए। इसी दौरान उन्होंने भावुक होकर कहा कि अचानक वह चोर और डकैत हो गईं।
आजम खान को अखिलेश यादव की ओर से पूरा सहयोग नहीं मिलने के आरोपों को तंजीम फातिमा ने गलत बताया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और पूरी समाजवादी पार्टी उनके परिवार के साथ खड़ी रही है।उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें हर तरह से सहयोग दिया है। तंजीम फातिमा ने बताया कि शिवपाल सिंह यादव खुद जेल में आजम खान से मिलने गए थे और उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी। उन्होंने यह भी कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी बनाने में मुलायम सिंह यादव का भी बहुत बड़ा योगदान रहा है।
यूनिवर्सिटी परिसर की सुरक्षा के लिए पुलिस कैंप की जरूरत बताए जाने पर तंजीम फातिमा ने कहा कि करीब दो-तीन साल पहले पुलिस बिना अनुमति के कैंपस में दाखिल हो गई थी। उनका आरोप है कि पुलिस ने न तो वाइस चांसलर से अनुमति ली और न ही किसी अन्य व्यक्ति से। उन्होंने कहा कि पुलिस ने कमरों और रिकॉर्ड्स की जांच की और जरूरी सामान अपने साथ ले गई। तंजीम फातिमा के मुताबिक, उस समय वे हाईकोर्ट गई थीं और कोर्ट ने आदेश दिया था कि बिना अनुमति के पुलिस यूनिवर्सिटी कैंपस में दाखिल नहीं हो सकती। हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर हर यूनिवर्सिटी कैंपस में पुलिस कैंप होता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
यूनिवर्सिटी के निर्माण में आई अड़चनों का जिक्र करते हुए तंजीम फातिमा ने कहा कि कुछ लोगों ने लगातार परेशानियां खड़ी कीं। इसके बावजूद आम लोगों ने यूनिवर्सिटी बनाने में काफी सहयोग किया। उन्होंने कहा कि रामपुर के बच्चों और छात्रों ने भी निर्माण कार्य में मदद की। उनके मुताबिक, बच्चों और छात्रों ने कड़ी धूप में सिर पर ईंट-पत्थर, सीमेंट और मिट्टी उठाकर यूनिवर्सिटी बनाने में योगदान दिया।
यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई का बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ने के सवाल पर तंजीम फातिमा ने कहा कि पढ़ाई निश्चित तौर पर प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि रामपुर में कई महंगे स्कूल हैं, जहां फीस काफी ज्यादा है और समाज के गरीब तबके के लोग इतनी फीस नहीं दे सकते। उनके मुताबिक, आजम खान ने रामपुर की गरीबी, अशिक्षा और लोगों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए रामपुर पब्लिक स्कूल खोले थे।
आजम खान की सबसे बड़ी उपलब्धि राजनीति है या जौहर यूनिवर्सिटी, इस सवाल पर तंजीम फातिमा ने कहा कि निश्चित तौर पर जौहर यूनिवर्सिटी उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि रामपुर शिक्षा के मामले में काफी पिछड़ा जिला था। आजम खान ने 10 बार विधायक और सांसद रहते हुए विकास के साथ शिक्षा को भी प्राथमिकता दी।
तंजीम फातिमा ने कहा कि आजम खान ने गरीब और मजदूर परिवारों के अनाथ बच्चों के लिए रामपुर पब्लिक स्कूल खोले थे, जहां सिर्फ 20 रुपये महीने में CBSE की पढ़ाई होती थी। उनके मुताबिक, सरकार ने इन स्कूलों को खाली करवा दिया, जिससे अनाथ बच्चों को नुकसान हुआ।
आजम खान के भविष्य में चुनाव लड़ने या राजनीति से दूरी बनाने के सवाल पर तंजीम फातिमा ने कहा कि इसका फैसला वक्त बताएगा। फिलहाल उनका प्रयास आजम खान को जेल से बाहर लाने का है। उन्होंने कहा कि उन्होंने आजम खान को कभी राजनीति छोड़ने की सलाह नहीं दी। हालांकि, उन्होंने मौजूदा राजनीति की तुलना 20-25 साल पहले के दौर से करते हुए कहा कि उस समय ईद और बकरीद पर विरोधी दलों के नेता और अधिकारी एक-दूसरे के घर आते-जाते थे। उनके मुताबिक, अब राजनीति से वह दौर खत्म होता जा रहा है।
जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को गिराने के आदेश के खिलाफ 13 अगस्त को मुरादाबाद की कमिश्नर कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह की अदालत ने रामपुर डीएम के ध्वस्तीकरण आदेश पर 27 जुलाई को लगाई गई अंतरिम रोक को बरकरार रखा है।