लखनऊ

UP Rain Alert: यूपी में भारी बारिश, लखनऊ मंडल में 4-6°C तक गिरेगा तापमान,जाने नया अपडेट

UP Heavy Rain: बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब से उत्तर प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। 18 अगस्त तक भारी बारिश, लखनऊ मंडल में 4-6 डिग्री तापमान गिरने के आसार हैं।
5 min read
Aug 14, 2026
यूपी में बारिश का दौर शुरू: 4-6 डिग्री तक गिर सकता है तापमान (फोटो सोर्स : Patrika)
यूपी में बारिश का दौर शुरू: 4-6 डिग्री तक गिर सकता है तापमान (फोटो सोर्स : Patrika)

UP Heavy Rain Alert : उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के घनीभूत होकर अवदाब में परिवर्तित होने के बाद प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। लखनऊ मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी 18 अगस्त तक उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक मानसूनी वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। लगातार होने वाली वर्षा के कारण दिन और रात के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से लखनऊ मंडल में अधिकतम तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है।

बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब से बदला मौसम का रुख

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी पर बना निम्न दबाव क्षेत्र अब और अधिक मजबूत होकर अवदाब का रूप ले चुका है। यह प्रणाली पश्चिम बंगाल तट को पार करते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ रही है। वर्तमान में इसका प्रभाव मेदिनीपुर और कोलकाता के बीच अधिक सक्रिय बना हुआ है। अगले 24 घंटों के दौरान इसके गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है। इस मौसम प्रणाली के कारण पूर्वी और मध्य भारत में नमी की मात्रा लगातार बढ़ रही है, जिसका सीधा असर उत्तर प्रदेश के मौसम पर दिखाई देगा।

बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब के प्रभाव से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का दौर शुरू होने की संभावना  (फोटो सोर्स : Meteorological Department )   

मानसूनी द्रोणी के खिसकने से प्रदेश में बढ़ी सक्रियता

लखनऊ मौसम विशेषज्ञ अतुल कुमार सिंह का कहना है कि मानसूनी द्रोणी का पश्चिमी छोर अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गया है। यह द्रोणी फिरोजपुर, बरेली, सुल्तानपुर और डाल्टनगंज होते हुए अवदाब के केंद्र से गुजरते हुए उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इस बदलाव के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ओर से नमी युक्त हवाओं का प्रवाह तेज हो गया है। यही कारण है कि प्रदेश में मानसून फिर से सक्रिय होकर व्यापक वर्षा की परिस्थितियां बना रहा है।

लखनऊ मंडल में तापमान में आएगी बड़ी गिरावट

राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों के लिए यह मौसम परिवर्तन राहत भरा साबित हो सकता है। पिछले कई दिनों से उमस और तेज धूप से परेशान लोगों को अब लगातार बारिश के कारण राहत मिलेगी। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार लखनऊ मंडल में अधिकतम तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान में भी कमी दर्ज होने की संभावना है। बादलों की आवाजाही और लगातार वर्षा के कारण दिनभर मौसम सुहावना बना रहेगा। तेज हवाओं और बारिश के चलते वातावरण में नमी बढ़ेगी तथा गर्मी का प्रभाव काफी कम हो जाएगा।

लखनऊ सहित मध्य उत्तर प्रदेश में लगातार वर्षा के चलते तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने के आसार  (फोटो सोर्स : Meteorological Department )   

कई जिलों में भारी बारिश की संभावना

प्रदेश में पूर्वी, मध्य और तराई क्षेत्रों में सबसे अधिक वर्षा होने का अनुमान है। लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, बाराबंकी, रायबरेली, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, गोरखपुर, बस्ती, देवरिया, कुशीनगर, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, वाराणसी और आसपास के जिलों में अच्छी बारिश होने के आसार हैं। कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा के कारण जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की जा सकती है।

किसानों के लिए राहत, खरीफ फसलों को मिलेगा लाभ

मानसूनी सक्रियता बढ़ने से सबसे अधिक राहत किसानों को मिलने की उम्मीद है। धान, मक्का, अरहर, उड़द, तिल और अन्य खरीफ फसलों के लिए यह वर्षा बेहद लाभदायक मानी जा रही है। जिन क्षेत्रों में अब तक सामान्य से कम वर्षा हुई थी, वहां खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचेगी और फसलों की बढ़वार बेहतर होगी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बारिश संतुलित बनी रहती है तो उत्पादन पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। हालांकि जिन क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा होगी, वहां खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करना भी आवश्यक होगा ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे।

शहरों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका

लगातार और तेज बारिश का असर शहरों की सामान्य व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर पानी भरने और यातायात की रफ्तार धीमी होने की संभावना है। कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है। प्रशासन ने नगर निकायों और संबंधित विभागों को जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं ताकि लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े। बारिश के दौरान वाहन चालकों को सावधानी बरतने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

मानसूनी द्रोणी के उत्तर की ओर खिसकने और सक्रिय मानसून के कारण 18 अगस्त तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान  (फोटो सोर्स : Meteorological Department )   

स्वास्थ्य पर भी रहेगा मौसम का असर

बारिश के साथ तापमान में गिरावट लोगों को गर्मी से राहत तो देगी, लेकिन बदलते मौसम के कारण वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और जलजनित रोगों का खतरा भी बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को साफ पानी पीने, बाहर का दूषित भोजन खाने से बचने और बारिश में भीगने के बाद तुरंत सूखे कपड़े पहनने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।

अगले कुछ दिन रहेंगे बेहद महत्वपूर्ण

मौसम विभाग का कहना है कि 18 अगस्त तक उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। इस दौरान अधिकांश जिलों में रुक-रुक कर बारिश होने के साथ कई स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। मौसम विशेषज्ञ लगातार अवदाब की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। यदि यह प्रणाली अपेक्षित दिशा में आगे बढ़ती रही तो प्रदेश में व्यापक वर्षा का सिलसिला जारी रहेगा। इसके परिणामस्वरूप तापमान सामान्य से नीचे पहुंच सकता है और लोगों को लंबे समय बाद सुहावने मौसम का अनुभव होगा।

 प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान   (फोटो सोर्स : Meteorological Department )   

कुल मिलाकर, बंगाल की खाड़ी में बने मजबूत अवदाब और मानसूनी द्रोणी की अनुकूल स्थिति ने उत्तर प्रदेश में मानसून को नई ऊर्जा प्रदान कर दी है। आगामी कुछ दिन प्रदेश के लिए अच्छी बारिश लेकर आने वाले हैं। जहां एक ओर किसानों के चेहरों पर खुशी लौटेगी, वहीं आम लोगों को भी भीषण उमस और गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखना आवश्यक होगा ताकि किसी भी संभावित परेशानी से समय रहते बचा जा सके। मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना इन दिनों सबसे अधिक जरूरी रहेगा।