
UP Transfer 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 18 सहायक मजिस्ट्रेटों को नई तैनाती दी है। अलग-अलग जिलों में तैनात इन अधिकारियों को अब संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। तबादला आदेश के तहत अधिकारियों को प्रदेश के विभिन्न जिलों में भेजा गया है। नई तैनाती में पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल और मध्य यूपी तक कई जिलों को शामिल किया गया है। अधिकारियों की नई जिम्मेदारियां संभालने के बाद संबंधित जिलों में प्रशासनिक कामकाज को और गति मिलने की उम्मीद है।
नई तैनाती में शाहजहांपुर, बस्ती, बदायूं, गोरखपुर, आजमगढ़, महराजगंज, देवरिया, सुल्तानपुर, जौनपुर, औरैया, प्रयागराज, कानपुर देहात, बलिया, कुशीनगर, मैनपुरी, झांसी, रायबरेली और लखनऊ जैसे जिलों को शामिल किया गया है। इस फेरबदल में कई ऐसे अधिकारी भी हैं जिन्हें एक मंडल से दूसरे मंडल के जिलों में नई जिम्मेदारी दी गई है।
तैनाती आदेश के मुताबिक आदित्य श्रीवास्तव, जो अब तक मुरादाबाद में सहायक मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात थे, उन्हें संयुक्त मजिस्ट्रेट शाहजहांपुर बनाया गया है। इसी तरह फतेहपुर में सहायक मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात नौशीन को संयुक्त मजिस्ट्रेट बस्ती की जिम्मेदारी दी गई है। उन्नाव में तैनात श्री शौर्य अरोड़ा अब संयुक्त मजिस्ट्रेट बदायूं के रूप में कार्य करेंगे। बिजनौर में सहायक मजिस्ट्रेट रहे कुनाल रस्तोगी को संयुक्त मजिस्ट्रेट गोरखपुर भेजा गया है। वहीं गाजियाबाद में तैनात अयान जैन को संयुक्त मजिस्ट्रेट आजमगढ़ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आगरा के सहायक मजिस्ट्रेट शिवम कुमार को संयुक्त मजिस्ट्रेट महराजगंज बनाया गया है।
प्रशासनिक फेरबदल में पूर्वांचल के कई महत्वपूर्ण जिलों को भी नई तैनाती मिली है। प्रयागराज में सहायक मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात अनिमेष वर्मा को संयुक्त मजिस्ट्रेट देवरिया भेजा गया है। मिर्जापुर के सहायक मजिस्ट्रेट अंशुल हिंदल अब संयुक्त मजिस्ट्रेट सुल्तानपुर की जिम्मेदारी संभालेंगे। अलीगढ़ में तैनात शुभांशु कटियार को संयुक्त मजिस्ट्रेट जौनपुर बनाया गया है। वहीं सहारनपुर के सहायक मजिस्ट्रेट श्री विनोद कुमार मीना को संयुक्त मजिस्ट्रेट औरैया की नई जिम्मेदारी दी गई है। इस तरह नई तैनाती के माध्यम से अधिकारियों को अलग-अलग भौगोलिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में काम करने का अवसर मिलेगा।
तैनाती सूची में कन्नौज के सहायक मजिस्ट्रेट अर्पित कुमार का नाम भी शामिल है। उन्हें संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रयागराज बनाया गया है। वहीं सुलतानपुर में सहायक मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात रिदम आनंद को संयुक्त मजिस्ट्रेट कानपुर देहात भेजा गया है। लखनऊ में सहायक मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यरत रमेश चंद्रा वर्मा को संयुक्त मजिस्ट्रेट बलिया की जिम्मेदारी दी गई है। झांसी के सहायक मजिस्ट्रेट जी. अक्षय दीपक अब संयुक्त मजिस्ट्रेट कुशीनगर के रूप में नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
बाराबंकी में सहायक मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात तेजस के. को संयुक्त मजिस्ट्रेट मैनपुरी भेजा गया है। वहीं लखीमपुर खीरी की सहायक मजिस्ट्रेट मनीषा धार्वे को संयुक्त मजिस्ट्रेट झांसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सिद्धार्थ नगर में तैनात आयुष अग्रवाल को संयुक्त मजिस्ट्रेट रायबरेली बनाया गया है। दूसरी ओर मुजफ्फरनगर में सहायक मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत श्रीमती अपराजिता आर्यन को संयुक्त मजिस्ट्रेट लखनऊ की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
सहायक मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य करने के बाद संयुक्त मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी मिलने से इन अधिकारियों के प्रशासनिक दायित्व भी बढ़ेंगे। संयुक्त मजिस्ट्रेट के तौर पर अधिकारियों को राजस्व, कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और विभिन्न प्रशासनिक मामलों से जुड़े दायित्वों में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होती है। नई तैनाती के बाद अधिकारियों के सामने अपने-अपने जिलों की स्थानीय परिस्थितियों को समझने और प्रशासनिक प्राथमिकताओं के अनुसार काम करने की चुनौती होगी। जिन जिलों में उन्हें भेजा गया है, वहां स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था, राजस्व संबंधी मामलों, जन शिकायतों और विकास योजनाओं की निगरानी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल रह सकती है।
नई जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों के लिए आम जनता की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण भी महत्वपूर्ण रहेगा। तहसील और जिला स्तर पर आने वाली शिकायतों का समाधान, राजस्व मामलों की सुनवाई और शासन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कराने में संयुक्त मजिस्ट्रेट की भूमिका अहम होती है। प्रशासनिक अधिकारियों की नई तैनाती के साथ संबंधित जिलों में कामकाज को लेकर भी उम्मीदें बढ़ी हैं। खासकर ऐसे जिलों में जहां राजस्व और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामले अधिक संख्या में सामने आते हैं, वहां अधिकारियों की सक्रियता का सीधा असर प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ सकता है।
18 अधिकारियों की नई तैनाती को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों के पुनर्विन्यास के तौर पर देखा जा रहा है। एक ओर पश्चिमी यूपी के अधिकारियों को पूर्वांचल के जिलों में भेजा गया है, तो दूसरी ओर पूर्वांचल और मध्य यूपी में तैनात अधिकारियों को भी दूसरे जिलों की जिम्मेदारी मिली है। इस फेरबदल से अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों में प्रशासनिक अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा। वहीं संबंधित जिलों में नई जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर शासन की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे।
18 सहायक मजिस्ट्रेटों को संयुक्त मजिस्ट्रेट के रूप में नई तैनाती मिलने के बाद अब सभी अधिकारियों के सामने अपने नए कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारी संभालने की प्रक्रिया शुरू होगी। नई तैनाती वाले जिलों में पहुंचकर अधिकारी वहां की प्रशासनिक व्यवस्था, लंबित मामलों और स्थानीय समस्याओं की जानकारी लेंगे।