
UP Weather Update:उत्तर प्रदेश में 30 जून को मानसून के प्रवेश के बाद मौसम ने तेज रफ्तार पकड़ते हुए महज दो दिनों के भीतर पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया। शुरुआती दौर में अधिकांश जिलों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली और किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई। हालांकि अब मौसम विभाग के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार आगामी तीन दिनों यानी 4, 5 और 6 जुलाई के दौरान प्रदेश में मानसूनी सक्रियता में कुछ कमी आने की संभावना है। इसके चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहेंगी, जबकि दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उससे सटे जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में मानसून की शुरुआत काफी मजबूत रही। 30 जून को मानसून ने उत्तर प्रदेश में प्रवेश किया और तेजी से आगे बढ़ते हुए 2 जुलाई तक पूरे राज्य को आच्छादित कर लिया। इस दौरान बंगाल की खाड़ी से पर्याप्त मात्रा में नमी मिलने के कारण कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। लेकिन वर्तमान समय में उत्तरी उड़ीसा तट के निकट उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दाब क्षेत्र के प्रभाव से मौसमी द्रोणी (मानसून ट्रफ) अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसक गई है। इसके अलावा प्रदेश के ऊपर फिलहाल कोई अन्य प्रभावी मौसम तंत्र सक्रिय नहीं है। इसी वजह से मानसूनी गतिविधियों में अस्थायी कमी देखने को मिलेगी।
मौसम विभाग के अनुसार आगामी तीन दिनों में प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में मानसून अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय रहेगा। बुंदेलखंड क्षेत्र तथा मध्य प्रदेश की सीमा से लगे जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा भी हो सकती है। इससे यहां तापमान नियंत्रित रहेगा और लोगों को गर्मी से अधिक राहत मिलेगी।
दूसरी ओर मध्य, पश्चिमी तथा तराई क्षेत्र के अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने के कारण दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने के आसार हैं। बारिश कम होने से वातावरण में नमी बनी रहेगी, जिसके कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। दिन में तेज धूप निकलने और बीच-बीच में बादलों की आवाजाही के कारण मौसम असहज बना रहेगा। हालांकि कहीं-कहीं स्थानीय स्तर पर हल्की फुहारें पड़ सकती हैं, लेकिन व्यापक वर्षा की संभावना फिलहाल कम है।
मानसून की शुरुआती अच्छी बारिश से धान, मक्का, बाजरा, उड़द और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिली है। अधिकांश किसानों ने खेतों की तैयारी पूरी कर बुवाई शुरू कर दी है। हालांकि अगले तीन दिनों तक बारिश की रफ्तार धीमी रहने से जिन क्षेत्रों में अभी पर्याप्त वर्षा नहीं हुई है, वहां किसानों की चिंता बढ़ सकती है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जिन किसानों ने बुवाई कर दी है, उनके लिए फिलहाल चिंता की बात नहीं है, क्योंकि मिट्टी में पर्याप्त नमी मौजूद है। वहीं जिन क्षेत्रों में अभी बुवाई बाकी है, वहां किसान अगले बारिश के दौर का इंतजार कर रहे हैं।
बारिश की गतिविधियों में कमी आने का सीधा असर तापमान पर भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि यह बढ़ोतरी सामान्य से बहुत अधिक नहीं होगी, लेकिन वातावरण में नमी के कारण उमस लोगों को अधिक परेशान करेगी। रात के तापमान में बहुत ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है।
मौसम विभाग ने राहत भरी खबर भी दी है। पूर्वानुमान के अनुसार आगामी तीन दिनों की इस अस्थायी कमजोरी के बाद प्रदेश में मानसूनी सक्रियता एक बार फिर बढ़ने की संभावना है। जैसे ही मौसमी द्रोणी अपनी सामान्य स्थिति की ओर लौटेगी और बंगाल की खाड़ी से नमी की आपूर्ति बढ़ेगी, वैसे ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दायरा फिर विस्तृत हो जाएगा। 7 जुलाई के बाद कई जिलों में अच्छी वर्षा होने के संकेत मिल रहे हैं।
राजधानी लखनऊ सहित कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, मेरठ, अयोध्या, गोरखपुर, बरेली, झांसी और आसपास के क्षेत्रों में अगले तीन दिनों तक मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। कहीं धूप तो कहीं बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन लगातार और व्यापक वर्षा की संभावना कम है। इसके चलते दिन के समय उमस अधिक महसूस होगी।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश कम होने के बावजूद वातावरण में नमी अधिक रहेगी। ऐसे में धूप और उमस से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीते रहें, हल्के सूती कपड़े पहनें और दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। वहीं जिन क्षेत्रों में हल्की बारिश या गरज-चमक की संभावना है, वहां खुले स्थानों पर खड़े होने और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचना चाहिए।
कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में मानसून कमजोर नहीं पड़ा है, बल्कि यह केवल एक अस्थायी स्थिति है। मौसम तंत्र में आए बदलाव के कारण आगामी तीन दिनों तक बारिश की गतिविधियां सीमित रहेंगी। दक्षिणी जिलों में जहां वर्षा का सिलसिला जारी रहेगा, वहीं प्रदेश के अन्य हिस्सों में उमस और तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि 7 जुलाई के बाद मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ेगा और प्रदेश के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश का दौर शुरू होगा। ऐसे में किसानों से लेकर आम नागरिकों तक सभी की नजर अब अगले सप्ताह होने वाली संभावित अच्छी वर्षा पर टिकी हुई है।