लखनऊ

प्रदूषण से निपटने के लिए CM का मास्टर प्लॉन, जनवरी में लॉन्च करेंगे UPCAMP प्रोजेक्ट

UPCAMP project Uttar Pradesh : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनवरी में विश्व बैंक के सहयोग से 'उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (UPCAMP)' लॉन्च करेंगे।

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Dec 14, 2025
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनवरी में विश्व बैंक के सहयोग से 'उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (UPCAMP)' लॉन्च करेंगे, PC- Patrika

लखनऊ : उत्तर प्रदेश को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने तथा बढ़ते वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने के निरंतर प्रयासों के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनवरी में विश्व बैंक के सहयोग से 'उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (UPCAMP)' लॉन्च करेंगे।

प्रोजेक्ट की गवर्निंग बॉडी की अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे, जिसमें विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव और अपर मुख्य सचिव सदस्य होंगे। हाल ही में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में UPCAMP अथॉरिटी की गवर्निंग बॉडी की दूसरी बैठक हुई, जिसमें पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन से जुड़े सभी चरणों की समयबद्ध प्रगति की अपडेट जानकारी अगली बैठक में प्रस्तुत की जाए।

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इस प्रोजेक्ट पर 3 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में आर्थिक मामलों के विभाग (DEA), विश्व बैंक और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच विस्तृत चर्चा हुई थी। इसके बाद 10 दिसंबर 2025 को विश्व बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने प्रोजेक्ट को औपचारिक मंजूरी दे दी।

IIT कानपुर और IIT दिल्ली जैसे संस्थान कर रहे सहयोग

'UPCAMP भारत का पहला एयर बेसिन आधारित वायु गुणवत्ता प्रबंधन प्रोजेक्ट' है, जो इंडो-गैंजेटिक मैदान में वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों को लक्ष्य करने वाला बहु-क्षेत्रीय कार्यक्रम है। यह विश्व बैंक द्वारा IIT कानपुर, IIT दिल्ली और नॉर्वेजियन इंस्टीट्यूट फॉर एयर रिसर्च (NILU) जैसे संस्थानों के सहयोग से किए गए व्यापक वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित है। प्रोजेक्ट में ऑस्ट्रिया के IIASA द्वारा विकसित GAINS मॉडल का उपयोग किया जा रहा है।

प्रोजेक्ट की कुल लागत '304.66 मिलियन डॉलर' है, जिसमें 299.66 मिलियन डॉलर का ऋण और 5 मिलियन डॉलर का अनुदान शामिल है। इसे 2025 से 2031 तक छह वर्षों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

जानें क्या है प्लान

  • लगभग '39 लाख घरों' को स्वच्छ खाना पकाने के समाधान उपलब्ध कराए जाएंगे।
  • स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा: लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर में '15,000 इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर' और '500 इलेक्ट्रिक बसें' चलाई जाएंगी।
  • '13,500 प्रदूषणकारी भारी वाहनों' के प्रतिस्थापन के लिए प्रोत्साहन दिए जाएंगे।
  • कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में पोषक तत्व उपयोग दक्षता तकनीकों को बढ़ावा।
  • औद्योगिक क्षेत्र में संसाधन-कुशल ईंट निर्माण और टनल भट्ठों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन।
  • औद्योगिक क्लस्टर के लिए स्वच्छ वायु प्रबंधन योजनाएं तैयार की जाएंगी तथा मिनी-बॉयलर से कॉमन बॉयलर सुविधाओं में संक्रमण के लिए नीति विकास और व्यवहार्यता अध्ययन किए जाएंगे।

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Published on:
14 Dec 2025 07:53 pm
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