
चौक स्थित खुनखुन जी ज्वैलर्स के मालिक उत्कर्ष अग्रवाल को धमकी देकर 30 लाख की रंगदारी मांगने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों खुद को कुख्यात बदमाश लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ का खास बताते थे। उन्होंने व्हाट्सएप कॉल करके रुपए नहीं देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। सर्राफा कारोबारी की शिकायत पर पुलिस ने छानबीन करते हुए चारबाग इलाके से उन्हें पकड़ा है।
व्हाट्सएप कॉल जान से मारने की धमकी
डीसीसीपी पश्चिम एस चिनप्पा के मुताबिक चौक में खुनखुन जी ज्वैलर्स के मालिक उत्कर्ष अग्रवाल परिवार संग रहते हैं। उत्कर्ष के मोबाइल पर 21 मार्च की सुबह 11.35 बजे व्हाट्सएप कॉल आई थी। फोन करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ का आदमी बताया। 30 लाख रूपए मांगे और रकम नहीं देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी। फोन करने वाले ने उत्कर्ष से कहा कि तुमको अपने परिवार से प्यार नहीं है क्या? तुम नहीं जानते कि हम क्या कर सकते हैं, अगर जानना चाहते हो तो तुम्हे आज बता देंगे।
उत्कर्ष अग्रवाल ने दर्ज कराई FIR
एसीपी चौक आईपी सिंह के मुताबिक उत्कर्ष अग्रवाल की तरफ से घटना वाले थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। एफआईआर के आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी। शुक्रवार को दोनों की लोकेशन लखनऊ के चारबाग इलाके में मिली थी। जिसके बाद पुलिस ने दोपहर में गिरफ्तार कर लिया।
नाम कमाने के चक्कर में पुलिस के हत्थे चढ़े
पकड़े गए युवकों की पहचान सुल्तानपुर निवासी विवेक यादव(19) और अमित यादव (21) के रूप में हुई। यह लोग गाजियाबाद में रहकर प्राइवेट नौकरी कर रहे थे। इन लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के विषय में जानकारी हुई थी। जिसके बाद इंटरनेट से खुनखुन जी ज्वेलर्स का नंबर खोज कर रंगदारी मांगी थी। दोनों के आपराधिक इतिहास के विषय में जानकारी जुटाई जा रही है।
आरोपी विवेक और अमित को रूपए और नाम कमाने की लत लग गई। दोनों ने बताया कि इसके लिए इंटरनेट और सोशल मीडिया से बेहतर कोई सहायता नहीं कर सकता। दोनों इस मुकाम को हासिल करने के लिए जुट गए थे।