देश भर में मोटापा और वजन भारी होना या समय के साथ खूबसूरती का कम होना अब रिश्ते बिगाड़ रहा है। ऐसा किसी कहानी में नहीं बल्कि दर्जनों मामलों में इन्हीं बातों का खुलासा हुआ है। जिसमें पति ने सिर्फ इसलिए तलाक दे दिया क्योंकि वो पाँच सालों में ही बहुत मोटी हो चुकी थी। बिगड़ते रिश्तों पर कई बार सुप्रीम कोर्ट ने भी गंभीरता जताते हुए इसके सुधार के लिए परिवार को समझने साथ रहने की सलाह दी है। ऐसे ही कई मामले उत्तर प्रदेश के मेरठ, आजमगढ़, बनारस और लखनऊ जैसे शहरों के परिवार परामर्श केन्द्रों पर देखने को मिल रहे हैं। हम बताने जा रहे हैं ऐसी ही लड़कियों, महिलाओं की कहानी उन्हीं की जुबानी।

Husband Divorce Due to Weight यूपी में मेरठ के लिसाड़ी गेट के पास ही रहने वाली नजमा (काल्पनिक नाम) बताती हैं कि, शौहर ने इसलिए तलाक दिया, क्योंकि मेरा वजन 95 किलो हो चुका है। अब नाजमा किसी तरह से अपनी शादी बचाना चाहती हैं। वो परिवार सलाह केंद्र पर आकर काउंसिलिंग करवा रही हैं।
मेरा पति मोटी मोटी कहकर चिढ़ाता था, खाने की थाली छीन लेता
बनारस में भी ऐसा ही एक मामला परिवार सलाह केंद्र पर पहुंचा। जिसमें 20 साल की सहाना (काल्पनिक नाम) को शौहर ने तीन बार तलाक कहकर घर भेज दिया। शौहर ने कहा तू बहुत मोटी है। शहाना ने घरवालों को बताया कि शौहर रोजाना मोटी-मोटी कहकर चिढ़ाता। पीटता भी था। कई बार सामने से खाने की थाली खींच लेता, तो कई बार भूखा ही रहना पड़ता था। मैं परिवार चलाना चाहती हूँ। मुझे तलाक देकर उसने खुद दूसरी शादी कर ली।
आजमगढ़, लखनऊ के काउंसिलिंग सेंटर पर भी बढ़ रहे मामले
आजमगढ़ में भी ऐसा ही मामला इस समय चल रहा है जिसमें रूबीना खातून (काल्पनिक नाम) को इसलिए तलाक मिला क्योंकि, उस वो पहले जैसी सुंदर नहीं दिखती थीं। वहीं लखनऊ के काउंसिलिंग सेंटर पर आने वाली जैस्मिन (काल्पनिक नाम) कहती हैं कि, मुझे हर रोज़ मेरे बढ़े हुए हिप्स और मेरे झड़ते बालों को लेकर कमेन्ट किया जाता था। फिर एक दिन वो दूसरी लड़की की फोटो दिखाकर बोले ऐसी हो सकती हो? वरना तलाक दे दूंगा। मैंने बहस की तो मारपीट तक की। फिर मुझे तलाक दे दिया।
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने किया कमेन्ट
पति पत्नी और तलाक पर मोटापे को लेकर देश भर में बढ़ते मामलों पर कानून भी बहुत सख्त है, यहाँ बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2014 में एक पति की तलाक याचिका खारिज कर दी थी, क्योंकि वो पति, पत्नी से मोटापे के कारण तलाक चाहता था। कोर्ट ने इस पर कमेन्ट करते हुए कहा था कि "वजन बढ़ना तलाक का आधार नहीं मान सकते" इसलिए दोनों को साथ ही रहना होगा।
क्या कहते हैं काउंसलर
परिवार परामर्श केंद्र की काउंसलर डॉ. पूनम शर्मा का कहना है कि, यूपी के सभी जिलों के परिवार परामर्श केंद्र में एवरेज ज़्यादातर मामले लड़कियों की खूबसूरती को लेकर ही रहते हैं। जिसमें मोटापा एक बड़ी समस्या भी है। इसमें कई बार परिवार बच भी जाते हैं।
जबकि सुप्रीम कोर्ट ने भी वर्ष 2022 में एक फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया था कि, महिलाओं के लिए शादी एक बड़ी सामाजिक व्यवस्था है, जिसे उनके जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए पत्नी को तलाक उसकी शारीरक सुंदरता अथवा बनावट या मोटापे के आधार पर नहीं दिया जा सकता है।
Supreme Court on Live in Relationship
सुप्रीम कोर्ट ने अपने कई फैसलों में कहा कि, पुरुष और महिला काफी सालों तक साथ रहते हैं, तो एविडेंस एक्ट की धारा 114 के तहत इसे शादी ही माना जाएगा। पैदा हुए बच्चों को भी वैध माना जाएगा। पैतृक संपत्ति में हिस्सा देना होगा।