मंडला

जनपद सदस्य ने स्कूल में बच्चों को छड़ी से मारा, वायरल वीडियो ने मचाया बवाल

MP News: एमपी में एक जनपद सदस्य ने स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के बहाने उन्हें लकड़ी की छड़ी से दंडित किया। वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई।
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Updated: 20 Sep 2025, 10:51 AM IST
janpad member beats children with stick mandla viral video mp news
janpad member beats children with stick mandla viral video (Patrika.com)

janpad member beats children with stick:मंडला के हाई स्कूल डोंगरमंडला में जनपद सदस्य मुकेश मार्को बच्चों को शिक्षण कार्य कराने के साथ उन्हें दंडित भी किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल (Viral Video) होने के बाद शिक्षा विभाग और स्थानीय लोगों के बीच विवाद बढ़ गया है। वायरल वीडियो में स्पष्ट नजर आ रहा है कि जनपद सदस्य मुकेश मार्को (janpad member mukesh marko) एक कक्षा में उपस्थित सभी छात्र, छात्राओं को एक-एक कर एक लकड़ी की छड़ी से मारते हुए नजर आ रहे है।

ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डीके सिंगौर ने बताया कि नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (Right to Free and Compulsory Education Act, 2009) के तहत छात्रों को शरीरिक दंड और मानसिक उत्पीडऩ करने का अधिकार नहीं है। बावजूद इसके बिना अनुमति के एक जनप्रतिनिधि का शाला में आकर बच्चों को पढ़ाना और उन्हे दण्डित करना अनुचित है। (MP News)

अचानक छड़ी लेकर स्कूल पहुंचे जनपद सदस्य

जनपद पंचायत सदस्य मुकेश मार्को अचानक विद्यालय पहुंचे और एक कक्षा में बच्चों को पढ़ाने लगे। बच्चों को पढ़ाते समय उनके हाथ एक पतली लकड़ी की छड़ी भी थी, जो पढ़ाते समय बच्चों की टेबल भी मार रहे थे, इसी दौरान उन्होंने कुछ विद्यार्थियों को इसी छड़ी से दंडित भी किया। विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री गुमास्ता ने इस बात की पुष्टि की है कि जनपद सदस्य ने बच्चों से शिक्षण कार्य कराया था, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें दंड देने की जानकारी नहीं है। (MP News)

विद्यालय में दंड देने का अधिकार किसी को नहीं

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो स्वयं जनपद सदस्य मुकेश मार्को द्वारा साझा किया गया है। इस वीडियो में वे बच्चों को पढ़ाते हुए और उन्हें दंडात्मक गतिविधियां करते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। इस घटना ने स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों और ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में शिक्षण कार्य और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अधिकार केवल शिक्षकों का होता है। (MP News)

जल्द की जाएगी कार्रवाई- आदिवासी सहायक आयुक्त

मंडला आदिवासी सहायक आयुक्त वंदना गुप्ता ने कहा कि वीडियो को देखते हुए यह कृत्य अशोभनीय है। इसे कलेक्टर के पास भेजकर प्रतिवेदन प्रस्तुत कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। (MP News)

जांच होनी चाहिए- ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन

ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन मप्र के प्रदेश अध्यक्ष डीके सिंगौर आरटीई में विद्यार्थियों को शारीरिक दंड निषेध किया गया है यह सर्व विदित है शिक्षक इसका ध्यान रखते हैं। जन प्रतिनिधि से ऐसी गलती दुर्भाग्यपूर्ण है। इसकी जांच होनी चाहिए। बच्चों से कोई शिकायत थी तो प्राचार्य को अवगत कराना चाहिए था। (MP News)

Updated on:
20 Sep 2025, 10:51 AM IST
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