
मंदसौर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस को तीन माह बाद शुरु हुए ती साल हो जाएंगे। वर्तमान में दिल्ली से लेकर मुंबई तक पूरी तरह यह एक्सप्रेस वे शुुरु नहीं हुआ है। इसको हिस्सों में शुरु किया गया है। ऐसे में मंदसौर में एक्सप्रेस 102 किलोमीटर है। यहां पर दुर्घटनाओं को लेकर एक जानकारी संबंधित विभाग से ली तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जानकरी के अनुसार अब तक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे इस तय दूरी में सितबंर 2023 से लेकर 1 मई 2026 तक 440 सडक़ हादसें हो चुके है। इनमें 36 लोगों की मौत हो चुकी है। जब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के अधिकारियों से दुर्घटनाओं का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि सबसे अहम् कारण जो है वह नींद है। दो साल ओर नौ माह में अधिकारी अब तक चालकों को एक्सप्रेस वे पर नींद ना आए इसको लेकर कोई तरीका नहीं निकाल पाए है। जिसका नतीजा यह हो रहा है कि हादसों में मौत हेा रही है। चार दिन पहले गरोठ क्षेत्र में एक्सप्रेस वे पर चालक को झपकी आने पर ट्रक नीचे जा गिरा और चालक और उसके साथी की मौत हो गई थी।
एक्सप्रेस वे चूंकि पूरी तरह शुरु नहीं हुआ है। ऐसे में इस पर यातायात का दबाव कम रहता है। ऐेस में इस पर वाहन चलाने पर एक समान कार या अन्य वाहन चलते है। इस पर टर्न भी नहीं है। जिससे चालक को एक जैसा लगता है और धीरे-धीरे नींद आने लगती है। एक्सप्रेस पर गति अधिक होने के कारण जैसे ही चालक को झपकी लगती है वैसे ही बैलेंस बिगड़ता है। जिससे कार अनियंत्रित हो जाती है। अधिकारियों की माने तो इन आंकड़ों में सबसे अधिक हादसे रात 2 बजे बाद के है।
गरोठ से उज्जैन फोरलेन पर आवागमन को शुरु हुए भी समय हो गया है। यह मार्ग कवर्ड मार्ग है। लेकिन इस मार्ग पर कई जगह लोगों ने अपने अनुसार अनाधिकृत कट निकाल लिए है। जिससे की हादसे भी हो रहे है। कई लोगों ने तो ढाबे के सामने से ही कट निकाल लिया है। ताकि आने जाने में परेशान ना हो। सबसे बड़ी बात इस मार्ग की है कि यहां पर पुलिस भी समय-समय पर राउंड लगाती है। लेकिन वे इन अनाधिकृत कटों को बंद नहीं करवा रहे है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के अधिकारियों के द्वारा 19 सितबंर 2023 को एक्सप्रेस वे पर केवल मध्यप्रदेश की सीमा वाला हिस्सा शुरु किया था। दिल्ली से मुंबई तक की कुल दूरी 1380 किलोमीटर है। इसमें मप्र के 244.5 किलोमीटर के हिस्से में रतलाम जिले में 90, झाबुआ जिले में 50.95 व मंदसौर में 102 किमी लंबा हिस्सा है। मंदसौर के 102 किलोमीटर वाले हिस्से में बड़ी संख्या में हादसें गरोठ से लेकर सुवासरा के बीच हुए है।
इनका कहना
नींद के कारण ज्यादातर एक्सीडेंट हो रहे है। इन आंकड़ों में ज्यादातर रात्रि 2 बजे बाद एक्सीडेंट हुए है। क्योंकि इस एक्सप्रेस वे में टर्न और ट्रैफिक नहीं है। लोगों को एक जैसा चलने पर नींद की संभावना बन जाती है। चालकों को नींद ना आए इसको लेकर संबंधित अधिकारियों से बैठक की जाएगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विनोद मीना, एसपी मंदसौर।