मंदसौर

600 करोड़ में गेहूं तो 35 करोड़ में चना व सवा दो करोड़ की जिले में हुई मसूर की खरीदी

1 लाख मैट्रिक टन गेहूं गत वर्ष से अधिक खरीदा, सरसों की नहीं हुई खरीदी -गेहूं के बंपर उत्पादन के साथ बोनस व समर्थन के दाम अधिक होने से जिले में हुई रेकॉर्ड खरीदी
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Jun 10, 2026
mandsaur news
1 लाख मैट्रिक टन गेहूं गत वर्ष से अधिक खरीदा, सरसों की नहीं हुई खरीदी

मंदसौर.
रबी सीजन के बाद अब अन्नदाताओं से लेकर विभागीय अमला भी खरीफ फसल में लग गया है। रबी सीजन के दौर में समर्थन मूल्य पर खरीदी का काम भी दाम अधिक होने के कारण इस बार अधिक हुआ है। गेहूं का उत्पादन जहां जिले में रेकॉर्ड रहा तो खरीदी भी रेकॉर्ड हुई। गत वर्ष शासन ने जिले में 475 करोड़ का गेहूं खरीदा था। इस साल 1 लाख मेट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदी हुई और 600 करोड़ 66 लाख का गेहूं सरकार ने खरीदा जो रेकॉर्ड आंकड़ा है। हालांकि इस बार सरसों की खरीदी नहीं हुई तो चना, मसूर की जिले में कम खरीदी हुई है। उपज की खरीदी से लेकर परिवहन व भंडारण सब काम हो चुका है लेकिन कई किसानों का उपज का भुगतान अब भी बाकी है।


खरीदी के आंकड़ों से उत्साहित विभाग
समर्थन मूल्य पर गेहूं सहित अन्य उपज की खरीदी में जिले में शुरुआत में कम किसानों ने रुझान दिखाया था। लेकिन बाद में बोनस सहित समर्थन अधिक होने व मंडी में दाम कम होने से खरीदी में किसानों का रुझान बढ़ा तो अधिक सरकारी खरीदी हुई। आंकड़ा बढ़ा तो विभाग भी उत्साहित हुआ। पिछले चार सालों से सरकारी खरीदी कम हो रही थी। इस बार आंकड़ा बढ़ा। हालांकि सवा दो लाख से अधिक किसानों वाले जिले में जहां 80 प्रतिशत क्षेत्र में गेहूं की पैदावार हुई वहां सिर्फ 66 हजार ने ही समर्थन पर अपना गेहूं बेचा तो चना, मसूर व में इससे भी कम किसानों ने समर्थन पर उपज बेची। बावजूद विभाग खरीदी के आंकड़ों को बेहतर मान रहा है। जिले में गेहूं का रकबा भी अधिक है और उत्पादन भी अधिक हुआ। ऐसे में इस बार मंडी के दाम व समर्थन के दाम में अधिक अंतर नहीं था। ऐसे में खरीदी के आंकड़े इस बार गत कई वर्षों से अधिक रहे।


गेहूं खरीदी ने बनाया रेकॉर्ड, चना-मसूर में फिसड्डी
समर्थन मूल्य पर सबसे अधिक गेहूं बेचने में किसानों ने रुचि दिखाई। जिले के 66 हजार 35 किसानों ने अपना गेहूं समर्थन पर बेचा। इसमें 2 लाख 28 हजार 822 मैट्रिक टन की खरीदी हुई। इसका 600 करोड़ 66 लाख रुपए सरकार को किसानों को भुगतान करना है। अब तक 597 करोड़ से अधिक का भुगतान हो चुका है। गत वर्ष से 1 लाख मैट्रिक टन अधिक की खरीदी हुई तो 125 करोड़ अधिक राशि का जिले का गेहूं सरकार ने समर्थन पर खरीदा। वहीं 61 हजार 61 किसानों से सरकार ने 35 करोड़ 87 लाख का चना खरीदा जबकि गत वर्ष 80 करोड़ का चना किसानों ने समर्थन पर बेचा था। यहीं हाल मसूर में है। गत वर्ष 4 हजार से अधिक किसानों ने मसूर समर्थन पर बेची थी। इस बार सिर्फ 247 किसानों ने 2 करोड़ 37 लाख रुपए की मसूर समर्थन पर बेची है। वहीं सरसों की तो खरीदी इस बार जिले में हुई ही नहीं। गेहूं खरीदी में भले ही रेकॉर्ड जिले में बना हो लेकिन चना व मसूर की खरीदी में जिला फिसड्डी रहा। इसका अहम कारण जिले में गेहूं का ही उत्पादन अधिक है।


95 फीसदी से अधिक हो चुका भुगतान
गेहूं खरीदी करने वाले नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार 597 करोड़ से अधिक का भुगतान हो चुका है तो परिवहन से लेकर भंडारण भी पूरा हो चुका है। वहीं विपणन विभाग ने बताया कि 95 फीसदी से अधिक किसानों का चना-मसूर का भुगतान हो चुका है। जो शेष है वह प्रक्रिया में है।

Updated on:
10 Jun 2026 07:02 pm
Published on:
10 Jun 2026 07:02 pm