
Mandsaur Revenge Murder- मध्य प्रदेश के मंदसौर में खून के बदले खून का मामला सामने आया है। यहां एक पिता ने दो महीने पहले हुई बेटे की हत्या का बदला मुख्य आरोपी के पिता को मौत के घाट उतारकर लिया। बताया जा रहा है कि पीड़ित को करीब 5-6 लोगों ने पहले रॉड लेकर दौड़ते हुए बेरहमी से मारा और फिर कई चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस इस मामले को दो महीने पहले हुए एक मामले से जोड़कर देख रही है जहां एक युवक की आतें निकालकर निर्मम हत्या कर दी थी।
दरअसल, मंदसौर शहर के संजीत रोड पर स्थित बावड़ी वाले बालाजी मंदिर के पास रास्ते पर शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे बाइक सवार 5-6 बदमाशों ने खेत से फूल तोड़कर आ रहे बाइक सवार रवि माली उम्र 42 निवासी कर्मचारी कॉलोनी अभिनंदन नगर को रोका। बदमाशों ने रवि पर टॉमी रॉड से हमला किया और चाकू से गोद दिया। जिससे रवि की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या कर आरोपी फरार हो गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मौका पंचनामा बनाया। मौेके पर फारेसिंक की टीम पहुंची। टीम ने साक्ष्य जुटाए। पुलिस शव को पोस्टमार्टम रुम लेकर आई। यहां पर डॉक्टर ने शव का पोस्टमार्टम किया।
इसके बाद आक्रोशित परिजनों सहित समाजजन गांधी चौराहा पर एकत्रित हुए। यहां सड़क पर बैठकर शव रख प्रदर्शन किया। यहां पर परिजनों और समाजजनों ने मांग की कि हत्या की त्वरित और मजिस्ट्रीयल जांच करवाई जाए। दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई और मकानों पर बुलडोजर की कार्रवाई की जाए। पीडि़त परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए। आरोपियों का जुलूस निकाला जाए। हत्या में शामिल आरोपियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। एएसपी तेरिंसह बघेल ने आश्वासन दिया उसके बाद परिजन माने। पुलिस ने चार नामजद सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
5 अप्रेल की रात में मृतक रवि माली का बेटा युवराज माली और उसके दोस्त रोहित ने मिलकर अरुण बरगुंडा पुरानी रंजिश को लेकर हत्या (Arun Bargunda stabbing case) कर दी थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद से आकाश वर्मा, यश माली, विकास वर्मा, राज वर्मा ने मिलकर अनिल माली, उसके भाई, परिवार वालों को फोन करके और आमने-सामने कई बार धमका चुके थे। परिजनों को धमकाते हुए कहते थे कि खून का बदला खून।
दरअसल,दो महीने पहले युवराज माली (रवि माली का बेटा) और रोहित चौहान ने अरुण पिता नानावटी बरगुंडा उम्र 19 साल के पिता को पहले गाली दी थी। इस संबंध में बात करने के लिए गांधी चौराहा आया था। यहां पर युवराज माली और रोहित भाटी ने अरुण के साथ विवाद किया और फिर चाकू से हमला कर दिया। आरोपियों ने चाकू से हमला कर अरुण
की आंतें बाहर निकाल दी थी। अस्पताल में इलाज के दौरान अरुण की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने युवराज माली और रोहित चौहान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।