
Yadav Mahasabha protest- सीएम पर लगे जमीन घोटाले के आरोप से खफा यादव महासभा ने किया जीतू पटवारी का विरोध (फोटो सोर्स- Patrika)
Land Scam allegations- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) पर लगे जमीन घोटाले के आरोपों के बाद यादव महासभा उनके समर्थन में आ गई है। शनिवार को यादव महासभा ने इसे लेकर गांधी चौराहे पर जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान यादव महासभा ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) का पुतला दहन का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उसे विफल कर दिया। इस दौरान महासभा के पदाधिकारियों एवं पुलिस के बीच जोर आजमाइश होते दिखाई दी। पुतलादहन रोकने के लिए पुलिस को वाटर केनन का प्रयोग करना पड़ा।
शनिवार को कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद बड़ी संख्या में यादव महासभा (Yadav Mahasabha) के लोग गांधी चौराहे पर एकत्रित हुए। इन सभी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए जमीन घोटाले के आरोपों को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के विरोध में जमकर नारेबाजी की। यादव महासभा के महेश यादव का आरोप था कि प्रमाणों से साबित हो गया है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के चुनाव के पहले जितनी जमीन थी, उतनी ही अब है। कांग्रेस उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रही है। वहीं प्रमोद यादव का कहना था कि कांग्रेस के पास अब कुछ बचा नहीं है, ऐसे में वह निराधार आरोप लगाकर सत्ता प्राप्ति का प्रयास कर रही है। इन झूठे आरोपों के लिए जीतू पटवारी को माफी मांगनी चाहिए।
वहीं यादव महासभा ने यहां जीतू पटवारी के पुतला दहन का प्रयास किया। लेकिन मुस्तैद पुलिस ने इसे सफल नहीं होने दिया। जैसे ही कार में पुतला पहुंचा पुलिस ने उसे घेर लिया। यादव महासभा के कार्यकर्ता पुतला लेकर दहन करने का प्रयास करने लगे तो पुलिस ने उसे छीन लिया। इस दौरान दोनों के बीच जमकर जोर आजमाइश होते दिखाई दिए। इस बीच किसी ने पुतला में आग लगाने का प्रयास किया तो पुलिस को वाटर केनन का प्रयोग करना पड़ा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी सीएम का बचाव किया था। हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि सीएम डॉ. मोहन यादव और उनकी पत्नी के पास आज भी उतनी ही जमीनें हैं जितनी 2023 में चुनाव के वक्त थीं। उन्होंने सीएम व परिवार के सदस्यों पर झूठे आरोपों से भ्रम फैलाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि सीएम मोहन यादव ने नवंबर 2023 में विधानसभा चुनाव के लिए शपथ पत्र दाखिल किया था, तब उनके पास कृषि भूमि 17.967 एकड़ थी। आज भी इतनी ही है। यह चुनावी हलफनामे में दर्ज है।
Updated on:
27 Jun 2026 08:01 pm
Published on:
27 Jun 2026 07:27 pm
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