Share Market News

कभी 1 डॉलर के बराबर था 1 रुपया, आज फिसलकर 70 के पार पहुंचा

हर दिन रुपए की कीमत डॉलर के मुकाबले गिरती ही जा रही है। कभी अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण तो कभी अमेरिका और चीन के बीच चल रही टेड बॉर के कारण रुपया नीचे गिर ही जाता हैं।

2 min read
dollar
कभी 1 डॉलर के बराबर था 1 रुपया, आज फिसलकर 70 के पार पहुंचा

नई दिल्ली। हर दिन रुपए की कीमत डॉलर के मुकाबले गिरती ही जा रही है। कभी अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण तो कभी अमेरिका और चीन के बीच चल रही टेड बॉर के कारण रुपया नीचे गिर ही जाता हैं। इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है। रुपए के गिरने से सबसे ज्यादा परेशानी आम आदमी को ही होती।भले ही आज रुपया 70 के पार चला गया हों। लेकिन क्या आप ये जानते है की एक ऐसा समय भी था जब 1 रुपए की 1डॉलर के बराबर थी।


डाॅलर के मुकाबले इतना गिरा भारतीय रुपया

आज रुपए ने गिरावट के सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं।डाॅलर के मुकाबले भारतीय रुपए अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुका है। 70 के स्तर को पार करते हुए रुपया फिलहाल डाॅलर के मुकाबले 70.07 के स्तर पर पहुंच गया है। बताते चलें की इसके साथ डाॅलर के मुकाबले रुपया अब तक के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।लेकिन 15 अगस्त 1947 को भारत का एक रुपया एक डॉलर के बराबर था, जो कि अब 70.07 रुपए तक पहुंच गया है।


कभी 1 डॉलर 1 रुपए के बराबर था

भारत को आजाद हुए 72साल हो चुके हैं। तब से लेकर अब तक भारत काफी तरक्की कर चुका है। कई नई ऊचाँईयों को छू चुका हैं। लेकिन बात अगर रुपए की जाए तो वो हर दिन गिरता ही नजर आता है। आज मंहगाई आसमान छू रही है।चाेहे फल, सब्जियां हो या सोना सबकी कीमतों में इजाफा होता जा रहा है। भले ही आज भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यास्था बन कर सामने आया हो पर एक समय था जब भारत की अर्थव्यास्था भी अमेरिका के सामान ही थी।1947 में भारत का 1रुपया ना सिर्फ 1डॉलर के बराबर था। बल्कि भारतीय 88.62 रुपये में 10 ग्राम सोना खरीद सकते थे, अब इसके लिए करीब 30 हजार रुपये खर्च करना पड़ सकता है।

अभी आैर कमजाेर होगा रुपया
वहीं मौजूदा साल में डाॅलर के मुकाबले रुपए के प्रदर्शन की बात करें तो सभी एशियार्इ करेंसी के अपेक्षा रुपए में सबसे अधिक कमजाेरी देखने को मिली है। अभी तक रुपए में 10 फीसदी तक की गिरावट देखी गर्इ है। इस विषय से जुड़े जानकारों का कहना है कि डाॅलर के मुकाबले रुपए में आैर अधिक कमजोरी देखने काे मिल सकती है। हालांकि ये छोटे अवधिक के लिए ही होगा आैर फिर उसके बाद रिकवरी का दौर देखने काे मिला।

Updated on:
14 Aug 2018 12:15 pm
Published on:
14 Aug 2018 12:00 pm