
नई दिल्ली। भले ही बीते सप्ताह शेयर बाजार ( Share Market ) एक फीसदी की तेजी के साथ कारोबार किया हो, लेकिन आने वाले सप्ताह में बाजार के लिए परीक्षा की घड़ी है। इसका कारण है कि इस सप्ताह ऑलय कंपनियों के साथ खुदरा और थोक महंगाई दर ( Retail and Wholesale Inflation Rate ) के आंकड़े आने वाले हैं। जिस पर बीते सप्ताह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ( reserve bank of india ) के गवर्नर तक भी चिंता जता चुके हैं। साथ ही साफ कह चुके हैं कि दूसरी तिमाही तक देश में महंगाई अपने उच्चतम स्तर पर जा सकती है। वहीं दूसरी ओर कोरोना काल में जून के दौरान देश की औद्योगिक गतिविधियां किस प्रकार चल रही थीं, इसकी जानकारी इस सप्ताह मिलेगी। जून महीने के औद्योगिक उत्पादन ( Industrial Production ) के आंकड़े मंगलवार को जारी होंगे इन आंकड़ों का निवेशकों को इंतजार रहेगा।
मानसून की प्रगति पर भी रहेगी नजर
मानसून की प्रगति पर भी बाजार निवेशकों की नजर बनी रहेगी। चालू मानसून सीजन में एक जून से आठ अगस्त तक देश भर में मानसूनी बारिश सीजन के औसत के आसपास रही, लेकिन गुजरात, पूर्वी राजस्थान और पश्चिम उत्तर प्रदेश समेत मौसम विभाग के छह सब डिवीजन में औसत से 20 फीसदी या उससे भी अधिक बारिश का अभाव बना रहा, जो कि सूखे की स्थिति का प्रतीक है।
जारी होंगे कंपनियों के तिमाही नतीजे
वहीं, भारत पेटेलियम कॉरपोरेशन, पावरग्रिड कॉरपोरेशन समेत कई प्रमुख कंपनियां चालू वित्तवर्ष की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी करेंगी जिसका असर शेयर बाजार पर देखने को मिल सकता है। बैंक ऑफ बड़ौदा और पावरग्रिड कॉरपोरेशन समेत कुछ कंपनियों के वित्तीय नतीजे सप्ताह के आरंभ में सोमवार को ही आने वाले हैं। बुधवार को टाटा पावर, अरबिंदो फार्मा जैसी कुछ कंपनियों के वित्तीय नतीजे जारी होंगे। गुरुवार को भारत पेटेलियम कॉरपोरेशन, गेल इंडिया, पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन व अन्य कंपनियां अपने वित्तीय नतीजे जारी करेंगी। वहीं, शुक्रवार को हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और बर्जर पेंट समेत कई कंपनियां चालू वित्तवर्ष की पहली तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे जारी करेंगी।
कोरोना वायरस का भी रहेगा असर
इन आंकड़ों के अलावा शेयर बाजार पर कोरोना का साया भी बना रहेगा। भारत समेत दुनिया के अन्य देशों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और कोरोना से मिल रही आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए विभिन्न देशों द्वारा किए जा रहे उपायों का असर बाजार पर देखा जा रहा है। खासतौर से अमरीका के प्रोत्साहन पैकेज और अमेरिका-चीन के बीच तनाव का प्रभाव इस सप्ताह शेयर बाजार पर बना रहेगा।