एक दूसरे के साथ हुई गलत फहमियों को भुलाकर हमेशा-हमेशा के लिए यह दंपति एक हो गए हैं।
मथुरा। वर्ष 2020 की पहली लोक अदालत में 14 जोड़ों का सुलहनामा न्यायिक परिसर में कराया गया। यहां पतियों ने अपनी पत्नियों को फूलों की माला पहनाकर इजहार कर उनके साथ रहने का वचन दिया। एक दूसरे के साथ हुई गलत फहमियों को भुलाकर हमेशा-हमेशा के लिए यह दंपति एक हो गए।
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14 जोड़े हुए एक
वैलेंटाइन डे वीक लंबे समय से एक दूसरे से दूर रह रहे दंपतियों के लिए एक नई सौगात लेकर आया। शनिवार को मथुरा के न्यायिक परिसर में लोक अदालत का आयोजन किया गया इस लोक अदालत में 14 ऐसे जोड़ों को मिलाया जो कि लंबे समय से मनमुटाव के चलते एक दूसरे से अलग थे। राष्ट्रीय लोक अदालत के हस्तक्षेप पर टूटते हुए 14 परिवारों को फिर से एक सूत्र में पिरो कर जोड़ने का कार्य किया गया। ये वे परिवार थे जिनमें घरेलू हिंसा के कारणों को लेकर न्यायालय में मुकदमे विचाराधीन थे। लेकिन न्यायालय द्वारा पहल करते हुए पति पत्नी के बीच बनी गहरी खाई को आपसी सामंजस्य से पाटकर दूर करने की अनोखी पहल की गई। जिसके तहत पति पत्नी के बीच आपसी विवाद को दूर करते हुए उनके बीच सामंजस्य स्थापित किया गया।
गलतियों को सुधारा
वहीं जब एक हुए दंपतियों से बात की तो उन्होंने बताया कि जो गलतियां हम लोगों ने कीं, उनको सुधारा है और हम लोग हमेशा एक दूसरे का साथ देंगे। सभी से अपील है कि ऐसा कोई कदम न उठाएं जो आगे चलकर परिवार को झेलना पड़े।
सभी के उज्ज्वल भविष्य की की कामना
जिला जज साधना रानी ठाकुर ने बताया कि 14 जोड़ों को एक कराया है और मंगल कामना की है कि वह हमेशा खुश रहें और आपसी सामंजस बनाकर रखें।