
मथुरा। धान की फसल के लिए पानी की बेहद जरूरत होती है, लेकिन इस बार हुई झमाझम बारिश में इतना पानी बरसा, कि ये पानी धान की फसल के लिए आफत बन गय है। कई किसानों के खेत बारिश के पानी में जलमग्न हो गए हैं। खेत की मिट्टी का कटान होने से उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है। किसान की धान की फसल बर्बाद हो गई है। किसानों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
बारिश ने किया सब तबाह
मथुरा में आई आफत की बारिश ने मथुरा के अडींग में धान किसानों को आंसू बहाने पर मजबूर कर दिया है। लगातार हुई बारिश ने और पानी की निकासी ना होने के कारण खेतों में पानी भरा हुआ है। मथुरा के किसानों ने कई एकड़ में धान बोया, लेकिन आफत की बारिश ने धान की फसल को बर्बाद कर दिया। लबालब पानी से भरे खेत इस बात की गवाही देने को काफी हैं कि अबकी बार आसमान से आफत बरसी है। किसान सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं कि सरकार कुछ मदद कर दे तो कुछ राहत मिल जाये।
ये बोले किसान
पत्रिका टीम ने अडींग गॉव के लोगों किसानों से बात की तो किसानों का कहना है कि धान बोया और पानी इतना पड़ा की पूरा धान ख़राब हो गया। निरंजन नाम के किसान ने बताया की 15 बीघा धान खेत में लगाया था वो भी मुट्ठा पर लेकर, बारिश ने सब कुछ तबाह कर दिया। सरकार से उम्मीद है की कुछ राहत मिल जाये, क्योंकि धान की फसल में लागत बहुत अधिक होती है।
सरकार से कोई मदद नहीं
गोविंद सिंह और टीकम नाम के किसान ने बताया की धान में पानी भरा और धान डूब गया है। धान डूबने का कारण है की खेतों के आसपास कोई भी पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है। अगर दोनों तरफ पानी को निकालने के लिए नाली बन जाये तो कुछ राहत मिल सकती है। किसान के लिए सरकार सुविधा देने की बात करती है, लेकिन सुविधा नहीं दी जाती है।