Mahabharata Yudhishthira Gajendra Chauhan met Saint Premananda: मथुरा के वृंदावन पहुंचे महाभारत में युधिष्ठिर का अभिनय करने वाले गजेंद्र चौहान ने संत प्रेमानंद महाराज को एक संवाद सुनाया। इस पर संत प्रेमानंद महाराज वाह-वाह करने लगे।
Mahabharata Yudhishthira Gajendra Chauhan met Saint Premananda: मथुरा के वृंदावन में महाभारत में युधिष्ठिर का अभिनय करने वाले गजेंद्र चौहान ने संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने एक डायलॉग भी सुनाया जो राष्ट्रभक्ति से जुड़ा हुआ था। इस दौरान संत प्रेमानंद महाराज महाभारत सीरियल की चर्चा होते ही प्रसन्नचित हो गए और उन्होंने खुशी प्रकट की।
उत्तर प्रदेश के मथुरा के वृंदावन पहुंचे गजेंद्र चौहान का परिचय महाभारत में युधिष्ठिर का अभिनय करने वाले के रूप में किया गया। इस पर संत प्रेमानंद महाराज ने कहा कि आपका स्वागत है। आपने जो हमारे धर्म का स्वरूप है, उनका अभिनय किया है। इस पर गजेंद्र चौहान ने कहा कि आपकी कृपा है। संत प्रेमानंद महाराज ने कहा कि युधिष्ठिर महाराज साक्षात धर्म के ही अंश से प्रकट हुए थे। इस पर बताया गया कि 1988 में यह नाटक आया था, जिस पर प्रेमानंद महाराज ने कहा कि उस समय यह नाटक पूरे देश के लिए प्रिय नाटक था।
गजेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि मैं आपको एक संवाद सुनाना चाहता हूं जो अटल बिहारी बाजपेई बार-बार सुनाने की मांग करते थे। उन्होंने कहा कि "कोई भी पुत्र, कोई भी पिता, कोई भी परिवार, कोई भी प्रतिज्ञा, कोई भी परंपरा राष्ट्र से ऊपर नहीं हो सकती है।" इस पर संत प्रेमानंद महाराज ने कहा कि बहुत सुंदर, कोई भी प्रतिज्ञा या परंपरा राष्ट्र से ऊपर नहीं हो सकती है। भीष्म पितामह ने प्रतिज्ञा की थी कि यदि राष्ट्र पर कोई बात आती है तो प्रतिज्ञा तोड़नी पड़ेगी.