मथुरा

निर्माणाधीन पांटून पुल बना मथुरा हादसे की वजह, 10 लोगों की मौत, पंजाब से आए थे श्रद्धालु

Mathura Boat Accident : यमुना नदी में निर्माणाधीन पांटून पुल से टकराकर स्टीमर पलटने से पंजाब के 10 श्रद्धालुओं की मौत। देवराहा बाबा आश्रम जा रहे श्रद्धालुओं के साथ हुआ हादसा। सेना, NDRF और SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी।
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Apr 10, 2026
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मथुरा में स्टीमर पलटने से हादसा, 10 लोगों की मौत, PC- Patrika

मथुरा : मथुरा में स्टीमर पलटने से 10 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 12 लोगों को बचा लिया गया है। यह जानकारी मथुरा के डीएम ने दी। डीएम ने बताया कि राहत और बचाव कार्य के लिए सेना की भी मदद ली जा रही है। मौके पर NDRF और SDRF की टीमें लापता लोगों की तलाश कर रही है। वहीं स्थानीय गोताखोरों की मदद भी ली जा रही है।

डीएम ने बताया गया बचाए गए लोगों की पहचान हो गई है। यह श्रद्धालुओं का गुट पंजाब से आया था। सभी नाव में सवार होकर देवराहा बाबा के आश्रम की तरफ जा रहे थे।

एक पर्यटक ने बताया कि हम सभी पंजाब में लुधियाना और मुक्तेश्वर से हैं। तेज हवा चल रही थी। यमुना नदी के बीच में स्टीमर अचानक तेज हवा से हिलोरे खाने लगा…देखते ही देखते स्टीमर की स्पीड बढ़ गई। तभी स्टीमर पांटून पुल से टकरा गया और पलट गया।

कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण ने बताया कि घायल पर्यटकों का इलाज चल रहा है। मंत्री लक्ष्मी नारायण ने घायलों से बात की है। उन्होंने हादसे की जानकारी ली और डॉक्टरों से सभी का समुचित इलाज करने को कहा है।

डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि पंजाब के श्रद्धालुओं का एक ग्रुप आया था। दो नावों में करीब 33 लोग सवार थे। एक नाव में 25-27 लोग थे। वह नाव दुर्घटनाग्रस्त हो गई। 10 डेड बॉडी रिकवर की गई हैं। 12 लोग सकुशल हैं। मिसिंग 3 से 5 संख्या हो सकती हैं। उनकी तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

निर्माणाधीन पांटून पुल बना हादसे की वजह

डीएम ने यह भी जानकारी दी कि सभी श्रद्धालु नाव में सवार होकर देवराहा बाबा के आश्रम की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान निर्माणाधीन पांटून पुल के पास नाव अनियंत्रित हो गई और पलट गई। डीएम ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यही सामने आ रहा है कि पांटून पुल के पास नाव रस्सी या किसी अन्य चीज से टकरा गई और पलट गई।

तेज बहाव बन रहा बचाव कार्य में बाधा

बताया जा रहा है कि आज यमुना में बहाव काफी तेज है। हवा भी तेज चल रही थी, जिसकी वजह से बचाव और राहत कार्य में काफी दिक्कत हो रही है। स्थानीय लोगों और गोताखोरों के अनुसार, जहां पर हादसा हुआ है वहां पर यमुना की गहराई तकरीबन 25 फीट बताई जा रही है।

प्रशासन स्थानीय लोगों की ले रहा मदद

डीएम ने बताया कि हम राहत और बचाव कार्य में स्थानीय लोगों की मदद ले रहे हैं। स्थानीय गोताखोर और नाविकों को यमुना के पल-पल और कण-कण की जानकारी रहती है। इसलिए वह राहत और बचाव कार्य में मुख्य भूमिका निबा सकते हैं।

राहत और बचाव कार्य में बचाए गए लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया जा चुका है, जहां उनका इलाज चल रहा है। मौके पर डीएम और एसपी भी पहुंच गए हैं। हालात पर नजर बनाए हुए हैं। मौके आर्मी भी पहुंच चुकी है।

Updated on:
10 Apr 2026 06:42 pm
Published on:
10 Apr 2026 06:42 pm