
Petition against Kathavachak Aniruddhacharya accepted मथुरा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने लड़कियों पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में दायर की गई याचिका को स्वीकार कर लिया है। अपने आदेश में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कथावाचक की टिप्पणी को आपत्तिजनक बताया। उन्होंने कहा कि 14 साल की उम्र में नाबालिग की शादी 16 साल की उम्र में बच्चे हो जाएंगे। जो पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत अपराध है। इस संबंध में याचिकाकर्ता मीरा राठौर ने बताया कि अनिरुद्धचार्य के बयान से समाज में गलत संदेश जा रहा है। इनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
उत्तर प्रदेश के मथुरा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अखिल भारतीय हिंदू सेना की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की थी। सुनवाई करते हुए अदालत ने याचिका को स्वीकार कर लिया है और अगली सुनवाई की तारीख 1 जनवरी 2026 दी गई है।
जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने कहा कि अनिरुद्धाचार्य ने सभी बेटियों पर धब्बा लगाया है। उन्होंने बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की है। क्या सभी बेटियां एक जैसी होती हैं? 14 साल की उम्र में बेटियों की शादी कराये जाने की बात करते हैं। उन्होंने संकल्प लिया है कि जब तक अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं हो जाता है। तब तक शांत नहीं बैठेंगे, अपनी चोटी नहीं बांधेंगे। न्यायालय सोच समझ कर अपना निर्णय देता है। 1 जनवरी को जो कुछ होगा अच्छा होगा।
एक सवाल के जवाब में मीरा राठौर ने कहा कि बयान देने के बाद वह माफी मांगते रहते हैं। लेकिन ऐसा बयान देते ही क्यों हैं जिससे माफी मांगनी पड़े? अगर यह बात कोई मौलाना कर देता तो उसके घर में बुलडोजर चल जाता। गनीमत है कि उनके घर पर बुलडोजर नहीं चला है। उनकी मांग है कि अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मामले की सुनवाई अब 1 जनवरी 2026 को होगी।.