पुलिस दोनों को समझाने में जुटी, दोनों पक्षों के लोगों का थाने में हंगामा
मेरठ। अग्नि को साक्षी मानकर लिए गए सात फेरों को एक दंपति 72 घंटे भी नहीं निभा पाए। 29 अप्रैल को शादी, 30 अप्रैल को दुल्हन ससुराल गई। अभी दुल्हन के हाथों की मेहंदी भी नहीं उतरी थी कि दो मई को दोनों पक्ष कंकरखेड़ा थाने पहुंचे और एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। पुलिस का कहना है कि दोनों को समझाया जा रहा है, ताकि बात आगे नहीं बढ़े।
30 अप्रैल को विदा हुर्इ थी
कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र की मंगलपुरी निवासी मनीषा की शादी 29 अप्रैल को गोलाबढ़ के संजीव से हुई थी। शादी की रस्म अदायगी कर 30 अप्रैल को दुल्हन विदा होकर अपने ससुराल चली गई। 30 की रात को ही पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। इसके बाद दोनों में मारपीट हो गई। रात को परिजनों ने किसी तरह दोनों को समझाया। इसके बाद मनीषा के मायके वाले गोलाबढ़ गए और मारपीट की बात को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया।
पति पर लगाया यह आरोप
लड़का-लड़की पक्ष एक दूसरे पर आरोप लगाते हुए थाने पहुंचे। वहां उन्होंने कम दहेज लाने की बात पर पति पर मारपीट का आरोप लगाया। युवती का कहना है कि पति ने उसके मुंह पर तकिया रखकर हत्या करने का प्रयास किया। इस पूरे घटनाक्रम से परेशान दुल्हन मनीषा का कहना है कि अपनी शादी को लेकर उसने बड़े अरमान संजोए थे। हाथों पर पति के नाम की मेहंदी भी लगाई, मगर उसे क्या मालूम था की मेहंदी हाथों से छूटेगी भी नहीं और वह परेशान होकर थाने पहुंच जाएगी। इस बात पर मनीषा थाने में खूब रोई, जिसे उसके परिजनों ने किसी तरह संभाला और शांत किया।
पुलिस का कहना है
इस बारे में एसओ कंकरखेड़ा का कहना है कि दोनों पक्षों को बुलाकर समझौते के प्रयास किए जा रहे हैं। दोनों ओर के जिम्मेदार लोगों को बुलाकर समझाया गया है। वे लोग अपनी-अपनी तरफ के लोगों को समझाएं। अगर दोनों तरफ के लोग नहीं मानते खासकर लड़की पक्ष के, तो पुलिस को बाध्य होकर कार्रवाई करनी होगी।