मेरठ

Weather Alert: 2011 के बाद इस सीजन का रहा सबसे ठंडा दिन, अभी और पड़ेगी कड़ाके की सर्दी

Highlights शाम चार बजे न्यूनतम तापमान 3.89 दर्ज किया गया बदलते मौसम में मेरठ से चलने वाली आधी दर्जन ट्रेनें हुई लेट चिकित्सकों ने लोगों को सेहत का ध्यान रखने की सलाह

2 min read
Dec 12, 2019

मेरठ। गुजरते वर्ष के साथ सर्दी भी अपनी रंगत पर आती जा रही है। हाड़ कंपा देने वाली ठंड से मेरठवासियों की हालत भी खस्ता होने लगी है। 12 दिसंबर का दिन इस सीजन का ही नहीं, बल्कि 2011 के बाद अब तक का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान और नीचे गिरकर शाम को चार बजे तक 3.89 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। गुरुवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। ठंड के साथ कोहरे का कहर भी सड़कों पर दिखाई दिया। इसका असर ट्रेन यात्रा पर भी असर डाल रहा है। मेरठ से चलने वाली आधा दर्जन ट्रेनें देरी से चल रही हैं।

कड़ाके की ठंड ने भी लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। कोहरे की वजह से सड़क यातायात पर भी सुबह असर पड़ा। जिसके चलते वाहन चालकों को मुश्किलों से गुजरना पड़ा। पूरे जिले में अधिकतम तापमान शाम को 4 बजे तक 18 डिग्री सेंटीग्रेड दर्ज किया गया। नए साल का आगाज कड़ाके की सर्दियों के साथ होगा। साल की विदाई इस समय लोग हाड़कंपा देने वाली सर्दी से परेशान हैं। देहात क्षेत्रों में सुबह के समय में अधिक पाला पड़ने से खेतों पर हल्की बर्फ की सी चादर खेतों में बिछ रही है। मार्निंग वाक पर निकलने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। अलाव जलाकर लोगों ने ठंड दूर करने का प्रयास किया, लेकिन वह नाकाफी रहा। तापमान कम होने से ठंड लगातार बढ़ रही है। सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स में प्रदूषण का स्तर 292 से नीचे दर्ज किया गया। जो अभी भी खराब की श्रेणी में है।

बीते तीन दिनों के दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक पर प्रदूषण 36 एसपीएम (सस्पेंडेड पर्टिकुलर मैटर) तक नीचे आया है। हालांकि, तापमान में गिरावट लगातार जारी है। ठंड से लोग परेशान नजर आए। चिकित्सकों का कहना है कि बदलते मौसम में सेहत पर खास ध्यान देने की जरूरत है। इन दिनों हृदय तथा सांस के रोगियों में इजाफा हो जाता है। निजी व सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। मौसम के प्रभाव के चलते बुखार, गला संक्रमण तथा खांसी के मामले भी आ रहे हैं।

वैज्ञानिक डा. आरएस सेंगर ने बताया कि अभी कुछ दिनों तक इसी तरह से ठंड बनी रहेगी। सर्द हवाएं चलने से कोहरा नहीं बन पाया है। जैसे ही हवा थमेगी, आसमान में कोहरा भी छा जाएगा। लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि इस सर्दी से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को लाभ और आलू को नुकसान होने के आशंका हैं।

Published on:
12 Dec 2019 06:01 pm
Also Read
View All