kcc last date किसान क्रेडिट कार्ड ( Kisan Credit Card ) पर खेती के लिए पैसा लिया है तो आपके पास अब महज तीन दिन शेष हैं। तीन दिन में अगर आपने क्रेडिट कार्ड जमा नहीं किया तो भारी ब्याज भरना होगा। कोरोना संक्रमण के चलते 31 मार्च से बढ़ाकर 30 जून कर दी गई थी तारीख
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ . कोरोना संकट को देखते हुए मोदी सरकार ने कृषि ऋण के भुगतान की तिथि 31 मार्च से बढ़ाकर 30 जून कर दी थी। किसान क्रेडिट कार्ड ( Kisan credit cards ) काे भी इस छूट में शामिल किया गया था। ऐसे में अगर आपने किसान क्रेडिट कार्ड पर खेती के लिए ऋण लिया है तो आब आपके पास महज तीन दिन शेष हैं। अगर तीन दिन में आप क्रेडिट कार्ड जमा नहीं करते ताे आपकाे भारी भरकम ब्याज देना हाेगा।
दरअसल समय से क्रेडिट कार्ड जमा करने पर किसानाें काे महज तीन प्रतिशत ब्याज देना होता है। सरकार ने इस बार कोरोना काल को देखते हुए इस अवधि काे बढ़ाकर 30 जून कर दिया था। ऐसे में जाे किसान 30 जून तक भी क्रेडिट कार्ड ( kcc ) जमा नहीं कर पाएंगे उन्हे सात फीसदी तक ब्याज देना पड़ सकता है। सरकार ने किसानों को पैसा जमा करने के लिए इतना समय दिया है। अगर किसान कर्ज की रकम समय पर लौटाते हैं तो बैंक में उनका क्रेडिट अच्छा बना रहेगा इससे वह भविष्य में भी आसानी से पैसे ले सकेंगे। किसान क्रेडिट कार्ड पर लिया गया कर्ज आमतौर पर 31 मार्च तक ब्याज सहित वापस करना होता है। उसके बाद आप अगले साल के लिए पैसे ले सकते हैं लेकिन मोदी सरकार ने कोरोना महामारी को देखते हुए किसानों को राहत दी है। किसान समय पर पैसा जमा करके ब्याज छूट का लाभ उठा सकते हैं। अब ब्याज माफी 30 जून तक लागू है, इसलिए 28 जून को पैसा जमा करें और तीन या चार जुलाई को निकाल लें। कृषि ऋण केसीसी के माध्यम से किसी भी वाणिज्यिक बैंक, सहकारी बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक से लिया जा सकता है।
कोरोना के चलते मिल रही छूट
साल 2020 में कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन ने हर इलाके को तबाह कर दिया था। तब केंद्र ने किसान क्रेडिट कार्ड पर ली गई राशि जमा करने की तारीख दो बार बढ़ा दी थी। सरकार ने पहले 31 मार्च से बढ़ाकर 31 मई, फिर 31 अगस्त की थी। इस बार भी सरकार ने तीन महीने का समय दिया है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार शायद ही इसकी तारीख फिर से बढ़ेगी।
केसीसी पर कितना ब्याज
किसान क्रेडिट कार्ड से लिए गए तीन लाख रुपये तक के कर्ज पर ब्याज दर हालांकि 9 फीसदी है। इसमें सरकार दो फीसदी सब्सिडी देती है। ऐसे में किसान को सात प्रतिशत ब्याज देना हाेता है। समय पर पैसा वापस करने वालों को महज तीन फीसदी ज्यादा छूट मिलती है। इस तरह ईमानदार किसानों के लिए ब्याज दर महज चार फीसदी ही रह जाती है।