भाजपा के खिलाफ सर्वसमाज संघर्ष समिति ने किया बड़ी महापंचायत का ऐलान
मेरठ. एससी-एसटी का विरोध करने वाले कथा वाचक देवकी नंदन ठाकुर की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर छा गए हैं। उनके अनुयायी जहां उनकी गिरफ्तारी को लेकर आक्रोशित हैं। वहीं कुछ लोग उन्हें राजनीति में आने की सलाह देकर तंज भी कस रहे हैं। इधर, मेरठ में भी देवकी नंदन ठाकुर गिरफ्तार के बाद आवाज उठने लगी है। एससी-एसटी एक्ट संशोधन के विरोध में आंदोलन चला रही सर्वसमाज संघर्ष समिति ने देवकी नंदन ठाकुर की गिरफ्तारी पर रोष प्रकट करते हुए कहा है कि भाजपा सरकार में ही संतों का अपमान हो रहा है। वह भी ऐसे समय जब प्रदेश में साधू यानी योगी आदित्यनाथ का राज हो और उनके राज में ही संतों का अपमान हो यह कहां का न्याय है।
बताते चलें कि विगत मंगलवार को आगरा में कथा वाचन देवकी नंदन ठाकुर को उस समय गिरफ्तार किया गया था। जब वह एससी-एसटी एक्ट के विरोध में सर्वसमाज संघर्ष समिति के आयोजन में भाग लेने जा रहे थे। उनको उनके 15 समर्थकों समेत गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि गिरफ्तारी के दो घंटे बाद उनको जमानत पर रिहा कर दिया गया था, लेकिन उनकी गिरफ्तारी से सर्वसमाज और सवर्ण समाज में भारी रोष है। लोगों ने उनकी गिरफ्तारी होने पर भाजपा सरकार की जमकर अलोचना की है। मेरठ में आयोजित सर्वसमाज की बैठक में इसकी निंदा की गई और निर्णय लिया गया कि इसका पुरजोर तरीके से विरोध किया जाएगा और इसके खिलाफ सर्वसमाज को एकजुट होकर एक बड़ी महापंचायत करेगा। भाजपा सरकार कोर्ट के निर्णय का पालन नहीं कर रही है। उसने निर्णय के खिलाफ संसद में विधेयक पारित किया है। जबकि भाजपा भली-भांति जानती है कि सवर्ण समाज के वोटों पर ही जीतकर वह सत्ता में पहुंची है।
मेरठ में सर्वसमाज के अभिषेक गहलौत ने कहा कि सर्वसमाज ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजने का निर्णय लिया है, जिसमें सर्वसम्मति से लिखा गया है कि सरकार और भाजपा इस संबंध में जो भी निर्णय लें देश और समाज के हित में लें, जिससे समाज में विघटन न पैदा हो सके। आज इस मुद्दे पर हिन्दू समाज दो भागों में विभक्त हो चुका है। इसका नुकसान निश्चित ही भाजपा को उठाना पड़ेगा। भाजपा सरकार बिना सोचे-समझे यह फैसला ले रही है, जो कि गलत है।