महिला ने अपने पेट में तकलीफ होने की बात कही थी
मेरठ। सरकारी योजनाएं कभी-कभी कर्मचारियों के लिए परेशानी भी ले आती हैं। खासकर ऐसी योजनाएं जो चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी हुई होती है। इन योजनाओं के बारे में जागरूक करने के लिए सरकारी चिकित्सकों के सामने सैकड़ों परेशानियां खड़ी होती है। कुछ ऐसा ही मेरठ में एक सीएचसी में तैनात चिकित्सक के साथ हुआ। जब चिकित्सक के एक बीमार महिला से एक बात कहने पर हंगामा मच गया आैर परिसर में तोड़फोड़ तक कर दी गर्इ।
परिवार नियोजन की सलाह दी थी चिकित्सक ने
मेरठ केे सरूरपुर की बीमार महिला यहां सीएचसी पर दवा लेने आयी थी। महिला चिकित्सक ने बीमार महिला का चेकअप कर उससे तकलीफ पूछी तो महिला ने कहा कि उसके सात बच्चे हैं और उसके पेट में हमेशा पीड़ा रहती है। प्राथमिक जांच के बाद महिला चिकित्सक ने कहा कि अधिक बच्चे पैदा करने से उसके पेट में परेशानी हो गई है। अब वह आगे परिवार नियोजन का इस्तेमाल करे। अगर और ज्यादा बच्चे पैदा किए तो उसे पेट का अॅापरेशन भी करवाना पड़ सकता है। महिला चिकित्सक ने यह भी सलाह दी कि वह अच्छी परवरिश के लिए बच्चों के बीच अंतर रखें और बच्चे पैदा नहीं करना और इससे बचने के लिए परिवार नियोजन अपनाएं। बीमार महिला को महिला चिकित्सक की यह सलाह पसंद नहीं आई और उसने बाहर आकर यह बात अपने परिजनों को बता दी।
परिजन हो गए आग बबूला फिर किया हंगामा
महिला मरीज के परिजनों ने जब उसकी बात सुनी तो भड़क गए आैर इस्लाम में परिवान नियोजन गलत होने की बात करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ने गया। महिला के परिजनों ने महिला चिकित्सक का विरोध करते सीएचसी पर तोड़फोड़ की कोशिश की। आैर महिला चिकित्सक को खरी-खरी सुनाई। शोर-शराबा सुनकर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. ओपी जायसवाल आ गए और मामले को शांत कराया। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. ओपी जायसवाल ने बताया कि महिला चिकित्सक ने भी केवल चिकित्सकीय सलाह दी थी। जिसे महिला ने दूसरे ढंग से समझते हुए हंगामा किया।
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