
मेरठ। जिले में बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर की जयंती धूमधाम से मनाई गई। जिले के कस्बों और मोहल्लों में शोभायात्राएं धूमधाम से निकाली गई, लेकिन इसके बावजूद अपने जन्मदिन पर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर सरकार की तरफ से कड़ी पहरेदारी की गई थी। शहर और जिले में लगी अंबेडकर की प्रत्येक प्रतिमा पर पुलिस और आरएएफ का कड़ा पहरा रहा। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाएं संगीनों के साये में घिरी रही। मेरठ महानगर के प्रमुख चौराहों पर लगी मूर्तियों के चारों ओर पुलिस और आरएएफ के जवान तैनात किए गए थे। जो किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तत्पर दिखे।
नहीं मिला अप्रिय घटना का समाचार
महानगर में कहीं से भी प्रतिमा के साथ किसी तरह की छेडछाड़ या किसी तरह की अप्रिय घटना का कोई समाचार नहीं मिला। मेरठ में 35 स्थान चिन्हित किए गए थे, जहां पर बाबा साहेब की प्रतिमा स्थल पर कार्यक्रम होने थे। बाबा साहेब की प्रतिमा स्थल के आसपास सुबह से ही सड़कों की साफ-सफाई के अलावा वहां पर कार्यक्रम के लिए टेंट आदि की व्यवस्था की गई थी। सुबह सर्वप्रथम बाबा साहेब की मूर्ति को माल्यार्पण कर उनको पुष्पांजलि दी गई। इसके बार मूर्ति स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में बाबा साहेब के समर्थकों ने भाग लिया। कलक्ट्रेट स्थित अंबेडकर चौराहे पर करीब 12 बजे तक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान लोगों ने बाबा साहेब के बताए रास्ते पर चलने का निर्णय लिया। बाबा साहेब ने भारत संविधान निर्माण में जो योगदान दिया उसके बारे में लोगों को जानकारी दी गई। मूर्ति स्थल पर माल्यर्पण करने जाने वाले हर व्यक्ति पर पुलिस और आरएएफ के जवानों की नजर थी।
प्रतिमा सुरक्षा को लेकर सतर्क था प्रशासन
शनिवार की रात गौतमबुद्धनगर के बिसरख थाना क्षेत्र में भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। जिसको लेकर आसपास के क्षेत्र में तनाव फैल गया था। हालांकि पुलिस-प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रतिमा को दुरूस्त करा दिया था। बिसरख में हुई घटना के बाद मेरठ में पुलिस-प्रशासन और अलर्ट हो गया था। इसी कारण देर रात प्रत्येक प्रतिमा स्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल और आरएएफ तैनात कर दिया गया था। एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बताया कि जिले में अंबेडकर जयंती शांतिपूर्वक मनाई गई है। कहीं से किसी घटना की कोई सूचना नहीं है।