
Uttar Pradesh Murder Case:मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव में अमित कश्यप उर्फ मिक्की की हत्या के मामले में आज 7 अक्टूबर को अदालत फैसला सुनाएगी। आरोप है कि अमित की पत्नी रविता ने अपने कथित प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर उसकी हत्या की और वारदात को सर्पदंश का रूप देने के लिए शव के नीचे सांप छोड़ दिया। शुरुआत में मामला सांप के काटने से मौत का लगा, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी बदल दी। इसके बाद पुलिस ने हत्या की जांच शुरू की और रविता व अमरदीप को आरोपी बनाया गया।
13 अप्रैल 2025 की सुबह अमित का शव उसके घर में चारपाई पर मिला था। उसके शरीर पर सांप के डसने के निशान थे और शव के नीचे एक जिंदा सांप दबा हुआ था। परिजनों को भी शुरुआत में लगा कि अमित की मौत सांप के काटने से हुई है। सांप को पकड़कर डिब्बे में बंद कर दिया गया और अमित को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अमित के पोस्टमार्टम में सामने आया कि उसकी मौत सर्पदंश से नहीं हुई थी। रिपोर्ट में दम घुटने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस को हत्या का शक हुआ। अमित के भाई मोनू कश्यप ने उसकी पत्नी रविता और अमरदीप के खिलाफ हत्या की FIR दर्ज कराई। जांच आगे बढ़ी तो दोनों के बीच कथित संबंध और अमित को रास्ते से हटाने की साजिश का आरोप सामने आया।
पुलिस के मुताबिक, रविता और अमरदीप ने मिलकर अमित की हत्या की योजना बनाई थी। आरोप है कि 12 अप्रैल की रात अमरदीप सांप लेकर रविता के घर पहुंचा था। पहले अमित को सांप से डसवाने की योजना थी, लेकिन बाद में दोनों ने गला दबाकर हत्या करने का फैसला किया। इसके बाद हत्या को सर्पदंश दिखाने के लिए अमित के बिस्तर पर सांप छोड़ दिया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान अमित की मां मुनेश ने कोर्ट में गवाही दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने रविता और अमरदीप को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा था। इसकी जानकारी अमित को देने के बाद पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हुआ था। अभियोजन पक्ष ने इसी घटना को हत्या के पीछे की वजह से जोड़ते हुए कोर्ट में अपना पक्ष रखा।
कोर्ट के फैसले से पहले अमित के परिजनों ने दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है। अमित के पिता विजयपाल सिंह ने कहा कि बेटे की हत्या से पूरा गांव दुखी है। उन्होंने कहा कि रविता, उसके कथित प्रेमी अमरदीप और इस मामले में जो भी दोषी पाए जाएं, उन्हें फांसी की सजा मिलनी चाहिए। अमित की मां मुनेश देवी ने कहा कि उन्हें अदालत पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा।
वादी पक्ष के अधिवक्ता बलराज सिंह और सरकारी वकील फरजाना ने कोर्ट में पेश किए गए साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा कि रविता और अमरदीप के बीच प्रेम प्रसंग था। आरोप है कि अमित इस रिश्ते में बाधा बन रहा था, इसलिए उसकी हत्या की गई। कोर्ट में बताया गया कि रविता और अमरदीप के बीच फोन पर 703 बार बातचीत हुई थी। अमित की मौत के बाद भी दोनों ने 51 बार फोन पर बात की। इससे दोनों के लगातार संपर्क में रहने की बात सामने आई। मामले में सपेरे कृष्णनाथ समेत अन्य गवाहों की गवाही, फॉरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को भी अहम साक्ष्य बताया गया।
पुलिस के मुताबिक, अमरदीप ने हत्या को सांप के डसने से हुई मौत दिखाने के लिए महमूदपुर सिखेड़ा निवासी निखिल से एक हजार रुपये में सांप खरीदा था। आरोप है कि इसके बाद सांप को अमित के शव के पास रख दिया गया, ताकि मौत सर्पदंश से हुई लगे। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अमित की मौत दम घुटने से होने की पुष्टि हुई और हत्या का राज खुल गया। गिरफ्तारी के बाद अमरदीप ने मीडिया के सामने निखिल से सांप खरीदने की बात भी बताई थी।
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 12 गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज कराए गए। इनमें अमित का भाई मोनू कश्यप, उसकी मां मुनेश, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर, पुलिसकर्मी, विवेचक, टेलीकॉम कंपनी के नोडल अधिकारी और सांप से जुड़े गवाह शामिल हैं। पुलिस ने मामले में 26 जून 2025 को दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया था।
मामले में अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस भी पूरी हो चुकी है। 19 सितंबर 2026 को अभियोजन की बहस पूरी हुई थी। इसके बाद 22 सितंबर को दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुनाने के लिए 7 अक्टूबर की तारीख तय की थी। अब इसी दिन अदालत मामले में अपना निर्णय सुनाएगी।
अमित हत्याकांड की सुनवाई अपर जिला जज कोर्ट संख्या-12 में हुई है। अपर सत्र न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर इस मामले में फैसला सुनाएंगे। फैसले के लिए रविता और अमरदीप को अदालत के सामने पेश किया जाएगा। रविता पिछले करीब एक साल से मेरठ जिला जेल की महिला बैरक में बंद है, जबकि अमरदीप जमानत पर बाहर है।
12 अप्रैल 2025 को अमित की मौत हुई। 13 अप्रैल को उसकी चारपाई पर सांप मिला और सर्पदंश से मौत की आशंका जताई गई। 14 अप्रैल को पोस्टमार्टम में दम घुटने से मौत होने का खुलासा हुआ। 15 अप्रैल को रविता और अमरदीप गिरफ्तार हुए। 3 अक्टूबर को कोर्ट में आरोप तय हुए और 8 अक्टूबर को ट्रायल शुरू हुआ। 5 दिसंबर को सपेरे कृष्णनाथ की गवाही हुई। 12 मार्च 2026 को अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य पेश किए। 19 सितंबर को अभियोजन की बहस पूरी हुई और 22 सितंबर को दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने 7 अक्टूबर 2026 को फैसला सुनाने की तारीख तय की।