मेरठ

Meerut News: पति को सांप से डसवाने वाली दामिनी जेल में बनी लाइब्रेरियन, कैदियों को पढ़ाएगी रामायण-सुंदरकांड

Meerut Crime News: सांप से डसवाकर पति की हत्या करने के आरोप में मेरठ जेल में बंद दामिनी को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। अब आरोपी पत्नी जेल में महिला कैदियों और बच्चों को रामायण और सुंदरकांड पढ़ाएगी। जानिए क्या है पूरा मामला...
2 min read
Jul 21, 2026
Meerut Snake Murder Case Meerut Murder News Hastinapur Murder Meerut Crime News
एक साल तक रची गई मर्डर की प्लानिंग (photo- x@Shiva_Thakur18)

Meerut Murder By Snake Case Row Update:उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के हस्तिनापुर में अपने स्कूल संचालक पति अतुल पंवार की जहरीले करैत सांप से डसवाकर हत्या करने के आरोप में जेल भेजी गई दामिनी को अब एक नई जिम्मेदारी मिली है। जेल प्रशासन ने उसे जिला कारागार की लाइब्रेरी से जोड़ दिया है। आज यानी मंगलवार से वह आधिकारिक रूप से जेल लाइब्रेरियन का काम संभालेगी। इसके साथ ही अब वह जेल में बंद अन्य महिला कैदियों और बच्चों को धार्मिक किताबें पढ़ाएगी।

'सुंदरकांड-रामायण पाठ कराने की जताई इच्छा'

जेल प्रशासन के मुताबिक जेल में आने के बाद दामिनी ने अधिकारियों को बताया था कि वह पहले अपने पति के साथ मिलकर बच्चों को पढ़ाने का काम करती थी। उसने जेल में अपने खाली समय का सही इस्तेमाल करने की इच्छा जताई। उसकी इसी योग्यता को देखते हुए उसे कारागार की लाइब्रेरी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दामिनी ने लाइब्रेरी के लिए रामायण भी ली है और महिलाओं के साथ ही बच्चों को रामायण और सुंदरकांड का पाठ कराने की इच्छा जाहिर की है।

प्रेमी के साथ मिलकर रची थी हत्या की साजिश

बता दें कि हस्तिनापुर इलाके में स्कूल चलाने वाले अतुल की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी दामिनी और उसके प्रेमी तुषार को गिरफ्तार किया था। पुलिस की जांच में सामने आया कि वारदात वाली रात अतुल को दूध में करीब 25 नींद की गोलियां मिलाकर दी गई थीं। इसके बाद जब वह गहरी नींद में था तब जहरीले करैत (Krait) सांप से डसवाकर अतुल की हत्या की गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में मेरठ जेल भेज दिया गया था।

जेल मेंबेटे और माता-पिताकोकर रही याद

जेल से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कारागार में आने के शुरुआती दिनों में दामिनी बहुत शांत रही। उसने खाना भी काफी कम खाया और बार-बार अपने 6 साल के बेटे और माता-पिता के बारे में पूछती रही। उसने जेल अधिकारियों से यह भी पूछा कि उससे मिलने कोई आया है या नहीं। दूसरी तरफ, आरोपी तुषार ने भी जेल प्रशासन से अपने परिवार वालों से मिलने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। हालांकि दोनों ने अभी तक जेल में किसी से अपने मुकदमे के बारे में कोई बात नहीं की है और न ही एक दूसरे से मिलने की कोई मांग रखी है।

जेल के वरिष्ठ अधीक्षक डॉ वीरेश राज शर्मा ने बताया कि दामिनी ने खुद को शिक्षिका बताते हुए लाइब्रेरी में काम करने की इच्छा जताई थी। जेल में कैदियों को सकारात्मक कामों से जोड़ना सुधार की प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है। इसी के तहत बंदियों को उनकी योग्यता के अनुसार जिम्मेदारियां दी जाती हैं ताकि उनका समय अच्छे कामों में बीत सके।

Also Read
View All