
मेरठ। कभी आपका मोबाइल खो गया हो तो आप उसकी थाने में शिकायत कर मुहर लगे प्रार्थना पत्र पर एक दूसरा सिम निकलवाकर नया मोबाइल ही खरीदेंगे। खोए हुए मोबाइल को मिलने का तो ख्याल ही छोड़ देंगे, लेकिन अगर आपके पास पुलिस थाने या एसएसपी कार्यालय से कोई फोन आए और वहां से कोई बोल रहा हो कि आपका खोया मोबाइल मिल गया है आप आकर ले जाए। तो आपको कैसा लगेगा। एक बार तो आपको विश्वास ही नहीं होगा। मेरठ के करीब 70 लोगों को ऐसा ही लगा जब उनके पास एसएसपी कार्यालय से फोन आया कि उनका मोबाइल पुलिस के पास है और वे जरूरी कागजी कार्रवाई कर अपना मोबाइल ले जाएं। मेरठ पुलिस ने करीब 7 लाख के मोबाइल जो कि चोरी हो गए थे या लूट लिए गए थे, लोगों को वापस किए हैं। मेरठ पुलिस का यह मानवीय चेहरा लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
70 लोगों को वापस दिलाए मोबाइल फोन
आमतौर पर मोबाइल चोरी की घटनाओं को दर्ज करने में आनाकानी करने वाली 'खाकी' ने इस बार 70 लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल वापस दिलाकर पुलिस का एक दूसरा रूप जनता के सामने पेश किया है। सोमवार को एसएसपी ने मोबाइल स्वामियों के उनके मोबाइल वापस किए तो लोगों के चेहरे खिल उठे। पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में एसएसपी अखिलेश कुमार और एएसपी क्राइम सतपाल अंतिल ने शहर के 70 लोगों उनके खोए हुए मोबाइल वापस लौटाए। एसएसपी ने बताया कि यह वह मोबाइल हैं जो पिछले एक माह में शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम या चोरी हुए थे। इन मोबाइलों की तलाश में पुलिस की मोबाइल रिकवरी सेल को एक्टिव किया गया था। सेल के अधिकारियों ने रात-दिन मेहनत करके 70 मोबाइल ट्रेस किए।
आगरा और अलीगढ़ चल रहे थे चोरी के मोबाइल
एएसपी क्राइम सतपाल अंतिल ने बताया कि कई मोबाइल अलीगढ़ और आगरा सहित कई अन्य जनपदों से बरामद किए गए। मोबाइल चोरी के मामलों में विभिन्न थाना क्षेत्रों से करीब आधा दर्जन लोगाें को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया। बरामद हुए 70 मोबाइल आज उनके असल स्वामियों के सुपुर्द किए गए। पुलिस के इस कार्य की सभी ने सराहना की। एसएसपी ने बताया कि बरामद हुए मोबाइलों की कीमत करीब सात लाख है।