
Land Dispute Murder : मेरठ के सरूरपुर क्षेत्र के करनावल कस्बे में एक ऐसी वारदात हुई, जिसने रिश्तों और भरोसे को झकझोर कर रख दिया। 82 वर्षीय विजयपाल, जो उम्र के इस पड़ाव पर परिवार के बीच सम्मान और सुकून की उम्मीद कर रहे थे, उन्हें शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि जिन पोतों को उन्होंने गोद में खिलाया, वही उनकी जिंदगी के दुश्मन बन जाएंगे।
गुरुवार रात रोज की तरह विजयपाल खाना खाने के बाद गांव की चौपाल पर पहुंचे थे। वहां अपने हमउम्र साथियों के साथ बैठकर हुक्का गुड़गुड़ा रहे थे। चौपाल पर गांव की बातें हो रही थीं, रात सामान्य थी और माहौल शांत। तभी अचानक दो नकाबपोश युवक वहां पहुंचे। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, एक गोली विजयपाल के सीने में जा लगी।
गोली लगते ही चौपाल पर अफरा-तफरी मच गई। साथ बैठे बुजुर्ग जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग गए। लेकिन हमलावर यहीं नहीं रुके। जमीन पर गिरे विजयपाल पर उन्होंने चाकू से ताबड़तोड़ वार किए और उनकी मौत सुनिश्चित करने के बाद मौके से फरार हो गए।
जांच में जो सच सामने आया, उसने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया। पुलिस के अनुसार, हत्या करने वाले कोई बाहरी बदमाश नहीं, बल्कि विजयपाल के अपने ही दो पौत्र निक्की और सागर थे। वजह थी 20 बीघा जमीन।
बताया जा रहा है कि विजयपाल के पास कुल 80 बीघा जमीन थी। उन्होंने जमीन के चार हिस्से किए थे और 20 बीघा जमीन अपने पास रखी थी। परिवार के लोगों के मुताबिक, पिछले एक साल से वह अपने दिवंगत बेटे तेजेंद्र के बेटों भानू और राहुल के साथ रह रहे थे और अपनी हिस्से की जमीन भी उन्हीं के नाम करना चाहते थे। इसी फैसले को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था।
गांव के लोगों का कहना है कि विजयपाल अक्सर कहते थे कि जो उनके बुढ़ापे का सहारा बनेगा, वही उनकी जमीन का हकदार होगा। लेकिन इसी जमीन ने परिवार को दो हिस्सों में बांट दिया। आरोप है कि जमीन हाथ से निकलती देख निक्की और सागर ने अपने ही दादा को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
जिस चौपाल पर विजयपाल हर रात दोस्तों के साथ बैठते थे, वहां अब उनकी हत्या की चर्चा है। गांव के बुजुर्गों की आंखों में एक ही सवाल है, क्या 20 बीघा जमीन की कीमत एक दादा की जान से ज्यादा हो गई?
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी पहचान होने का दावा किया गया है और गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।