
बागपत। जिला जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या में राजनीतिक षड्यंत्र के आरोप लगाए जा रहे हैं। जेल में पिस्टल को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सोमवार सुबह करीब 6 बजे पूर्वांचल के माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में वेस्ट यूपी व उत्तराखंड के कुख्यात सुनील राठी का नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार, सुनील राठी ने मुन्ना बजरंगी की हत्या की है। इसके अलावा हत्या करने के बाद पिस्टल को गटर में फेंक दिया गया।
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कैसे पहुंची पिस्टल
पुलिस की इस थ्योरी में यह नहीं पता चल सका कि पिस्टल जेल में कैसे पहुंची। हालांकि, इस मामले में लापरवाही बरतने पर जेलर व डिप्टी जेलर समेत चार कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। पहले तो यह चर्चा चली कि पिस्टल एक हफ्ते पहले ही जेल में पहुंचा दी गई थी। साथ ही इसे सुपारी लेकर हत्या करने से भी जोड़ा गया। अब हत्यारोपी ने बयान देकर मामले को पलटाने की कोशिश की है।
मुन्ना बजरंगी पर लगाए आरोप
सूत्रों के अनुसार, सुनील राठी ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि मुन्ना बजरंगी ही पिस्टल लेकर जेल पहुंचा था। सुनील राठी का कहना है कि मुन्ना बजरंगी ही पिस्टल लेकर जेल पहुंचा था। उसके साथ हुए झगड़े में वह अपनी पिस्टल से मारा गया। अगर वह उसे नहीं मारता बजरंगी उस पर गोलियां चला देता।
सुनील के बयान की हो रही जांच
अब पुलिस इस बिंदु को लेकर भी जांच कर रही है। जेल में मुन्ना बजरंगी को लेकर पहुंचे पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है। इस मामले में एसपी बागपत जय प्रकाश जांच की बात कर रहे हैं। उनका कहना है कि सुनील राठी ने ही मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या की है। सुनील के बयान को लेकर भी जांच की जा रही है। हालांकि, जांच के बाद ही पता चलेगा कि पिस्टल जेल में कैसे पहुंची। वहीं, इस मामले में एडीजी जेल भी कह चुके हैं कि दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा का भी कहना था कि मुन्ना की सुनील से कोई दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने इसको राजनीति षड्यंत्र बताते हुए कई नेताओं के नाम लिए हैं।