मेरठ

शहर में प्रदूषण पर कसेगी नकेल, जल्द ही हाइवे पर दौड़ते नजर आएंगे बायो गैस वाहन

इंडियन ऑयल कार्पोरेशन इस महत्वाकांक्षी योजना पर तेजी से काम कर रही है। जिससे लोगों को इसका जल्द से जल्द लाभ मिल सके।

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Oct 05, 2021
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मेरठ. देश में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए मात्र एक ही चारा बचा है वो है बायो गैस। वाहनों की बढ़ती संख्या से प्रदूषण में लगातार वृद्धि हो रही है। जिसको रोकने के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने सकारात्मक पहल की है। आईओसी अब कूड़ा-करकट, कचरे व खोई से बनने वाली बायो गैस को खरीदकर इसकी सप्लाई पेट्रोल पंपों को करेगा। जिससे अब वाहन बायो गैस से भी चलाए जाएंगे। जिससे प्रदूषण में कमी देखने को मिलेगी।

ऐसे होगा बायोगैस उत्पादन

बता दें कि इन दिनों पेट्रोल और डीजल की मांग सर्वाधिक है, लेकिन भविष्य में इसका विकल्प कंप्रेस्ड बायो गैस होगी। जिसकी प्रकिया अब शुरू हो चुकी है। वो दिन दूर नहीं जब देश में प्रदूषण खत्म हो जाएगा। इसी कड़ी में आईओसी के मंडलीय संस्थागत बिजनेस हेड मो. एमई जुबेरी ने बताया कि आईपीएल शुगर मिल रोहना कलां (मुजफ्फरनगर) ने खोई से बायो गैस का उत्पादन प्रारंभ कर दिया है। किसानों, व्यापारियों और वाहन चालक सभी को फायदा होगा। वातावरण में कार्बन के स्तर पर कमी आएगी। शहर से निकलने वाले कचरे का सदुपयोग होगा।

वायु प्रदूषण में होगी कमी

वहीं इंडियन ऑयल कार्पोरेशन इस महत्वाकांक्षी योजना पर तेजी से काम कर रही है। जिससे लोगों को इसका जल्द से जल्द लाभ मिल सके। इतना ही नहीं बायो गैस के बनाने से फसलों के अवशेषों को जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण पर अंकुश लगेगा। बायो गैस निर्माण में पराली, खोई, कचरे का प्रयोग किया जाएगा।

Published on:
05 Oct 2021 01:45 pm