School Reopen. कोरोना संक्रमण के चलते मार्च 2020 से बंद चल रहे थे स्कूल। 1 सितंबर से अब खुलेंगे कक्षा 1 से पांच तक के स्कूल। आफ लाइन के साथ ही आनलाइन भी होगी पढ़ाई।
मेरठ। School Reopen. पिछले सात मार्च 2020 से बंद चल रहे यूपी के कक्षा 1 से 5 तक स्कूलों (Primary Schools) में एक सितंबर (1 September) से बच्चों की आवाजें गूंजनी शुरू हो जाएगी। कक्षा छह से बारह तक स्कूल पहले ही खुल चुके हैं। वहीं अब 1 सितंबर यानी बुधवार से कक्षा एक से पांच तक कि कक्षाएं भी शुरू होंगी। स्कूलों में बच्चों के स्वागत की तैयारी की गई है। जिसके तहत स्कूल में आने वाले बच्चों का चाकलेट और फूल देकर स्वागत किया जाएगा। कोरोना काल में इन बच्चों की भी ऑफलाइन पढ़ाई की भी शुरुआत के साथ ही आनलाइन पढाई भी जारी रहेगी।
क्लासों का समय किया गया अलग
अधिकांश पब्लिक स्कूल सुबह 8 बजे ही खुलेंगे। मगर कक्षाओं का संचालन को लेकर स्कूलों में अलग-अलग समय निर्धारित कर रखा है। अधिकार स्कूल द्वारा कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के लिए अलग समय, कक्षा छह से सात तक के बच्चों के लिए अलग समय और कक्षा कक्षा आठ से 12 के लिए अलग-अलग समय तय किया है। कक्षा के संचालन के बारे में अभिभावकों को स्कूल प्रशासन की ओर से पहले ही जानकारी दे दी गई है।
कोरेाना गाइडलाइन का होगा पालन, नहीं होगा लंच ब्रेक
स्कूल संचालकों का दावा है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए भी कोरोना गाइडलाइंस का पूरा पालन गंभीरता से किया जाएगा। इसके साथ ही स्कूल में किसी प्रकार का लंच ब्रेक नहीं किया जाएगा। स्कूल गेट पर बच्चों का टेंपरेचर चेक करके ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा हर बच्चे को अनिवार्य रूप से सैनिटाइजर उपलब्ध कराया जाएगा। बिना मास्क के किसी भी बच्चे, स्टाफ व शिक्षक का प्रवेश स्कूल के अंदर प्रतिबंधित रहेगा। स्कूल में कोविड 19 को लेकर जारी एसओपी का अनिवार्य रूप से पालन कराया जा रहा है। कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के लिए खास इंतजाम की गए हैं। उनकी निगरानी के लिए अतिरिक्त स्टाफ़ भी लगाया जाएगा।
क्लास में कुछ ऐसा रहेगा सिटिंग सिस्ट
केएल इंटरनेशनल के प्रधानाचार्य सुधांशु शेखर ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए कक्षाओं में शारीरिक दूरी के मानक का पालन कराया जा रहा है। अगर किसी क्लास में 40 विद्यार्थी हैं तो उसे दो सेक्शन में बांटा गया है। दोनों सेक्शन के छात्रों को अगल-अगल कमरे में बैठाया जाएगा है। यानी अगर किसी क्लास में चार सेक्शन हैं तो उस क्लास में आठ सेक्शन बनाएं गए हैं, जिससे एक क्लास में 20 बच्चे ही बैठें। उन्होंने बताया कि अगर फिर भी छात्र संख्या अधिक रहती है तो उन बच्चों की आनलाइन क्लास भी संचालित कराई जा सकती हैं।