
मेरठ। बाबरी विध्वंस की 27वीं बरसी और अयोध्या पर आए फैसले के बाद शुक्रवार6 दिसंबर को जिले में ही नहीं पूरे प्रदेश में पुलिस-प्रशासन की कड़ी परीक्षा है। नौ नवंबर को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद बाबरी विध्वंस की आज पहली बरसी है। पुलिस ने अयोध्या समेत पूरे उत्तर प्रदेश को हाई अलर्ट पर रखा है। देश भर में आज सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। एसएसपी अजय साहनी के अनुसार नौ नवंबर को राम जन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से फैसला सुनाए जाने के मद्देनजर जिस तरह की सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, उसी तरह की तैयारी आज भी जिले में की गई है।
एसपी सिटी डा. एएन सिंह ने बताया कि छह दिसंबर की सुरक्षा व्यवस्था नौ नवंबर को की गई सुरक्षा व्यवस्था की निरंतरता होगी। उन्होंने कहा कि उसी तरह की एहतियात बरती जा रही है जैसा कि फैसले के दिन बरती गई थी। उन्होंने बताया कि दर्जनों शरारती तत्वों की पहचान की गई है और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।
एसपी सिटी ने बताया कि उपद्रवरोधी टीम होटलों, धर्मशालाओं और अन्य सार्वजनिक स्थानों की तलाशी ले रही है। उन्होंने कहा कि लोगों से अपील की जाती है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की तुरंत जानकारी पुलिस को दें। एसएसपी ने बताया कि जनता से कहा गया है कि वे किसी अफवाह का शिकार नहीं बने और सौहार्द बनाए रखें।
वहीं आज के दिन को कई मुस्लिम संगठनों ने गम के दिन के तौर पर मनाने का ऐलान किया है जबकि अयोध्या पर फैसला आने के बाद हिंदू संगठनों ने आज शौर्य दिवस नहीं मनाने की घोषणा की है। इसके बावजूद भी सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। जिले में सुबह से ही सुरक्षाकर्मियों ने मोर्चा संभाल लिया है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थलों के अलावा भीड़भाड़ वाले इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधिकारी भी रात से सड़कों पर उतरकर पैनी नजर रखे हुए हैं।