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नौनिहालों को बांटे स्वेटर की क्वालिटी पर उठाए सवाल, घोटाले का आरोप लगाकर एबीवीपी ने किया हंगामा, देखें वीडियो

Highlights अपनी ही सरकार के खिलाफ खोला एबीवीपी ने मोर्चा नोकझोंक के बाद बीएसए को बर्खास्त करने की मांग कार्रवाई नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे
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meerut

मेरठ। भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश का नारा देने वाली भाजपा सरकार में अब उसके ही दूसरे संगठन मोर्चा खोल रहे हैं। बेसिक शिक्षा में स्वेटर घोटाले को लेकर एबीवीपी ने मोर्चा खोल दिया। बीएसए पर जमकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और नारेबाजी करते हुए बर्खास्त करने की मांग की। दरअसल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्राथमिक विद्यालयों में नौनिहालों को निशुल्क बांटे जा रहे स्वेटर की खरीदारी में भी विभागीय अधिकारियों द्वारा घोटाले का आरोप लगाया है। बीएसए कार्यालय का घेराव करते हुए एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने दो दिन बाद बीएसए कार्यालय में तालाबंदी की चेतावनी दी है। इस दौरान एबीवीपी पदाधिकारियों की बीएसए से तीखी नोकझोंक भी हुई। एबीवीपी पदाधिकारियों ने बीएसए को बर्खास्त करने की मांग की।

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एबीवीपी के नेता उत्तम सैनी के साथ दर्जनों छात्र बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिलने पहुंचे। बीएसए के कार्यालय में न मिलने पर छात्रों ने कार्यालय में जमकर हंगामा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को सर्दी से बचाने के लिए निशुल्क स्वेटर बांटे जाने का बजट पास किया गया था। जिसके लिए प्रति स्वेटर लगभग दो सौ रुपए की राशि आवंटित की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा स्वेटर की खरीद का टेंडर मनमाने तरीके से जारी करके बेहद खराब क्वालिटी के स्वेटर खरीदे गए। जिनकी कीमत मार्केट में लगभग सौ रुपए प्रति स्वेटर है। उन्होंने स्वेटर खरीद में भारी घोटाले का आरोप लगाते हुए इसमें लिप्त अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। इसी के साथ बीएसए को कॉल करके चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो एबीवीपी के छात्र बीएसए कार्यालय की तालाबंदी करेंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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