मिर्जापुर

मिर्जापुर कलेक्ट्रेट परिसर में धौंस जमा रहा था फर्जी इंस्पेक्टर, तैनाती की बात पूछने पर फंसा पेंच

Fake Inspector Arrest in Mirzapur: मिर्जापुर कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस ने फर्जी इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को इंस्पेक्टर बता रहा था, जबकि उसने कंधे पर एक स्टार लगा रखा था।
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Fake police officer
फर्जी इंस्पेक्टर गिरफ्तार (फोटो- पत्रिका)

Mirzapur Fake Police Officer: मिर्जापुर के कलेक्ट्रेट परिसर से पुलिस की वर्दी पहने एक फर्जी इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि वह आसपास के लोगों पर धौंस जमा रहा था और अपनी तैनाती महिला थाने में बता रहा था, जिसके बाद लोगों को संदेह हुआ। वहीं, लोगों ने उसे पड़कर शहर कोतवाली पुलिस को सौंप दिया है। वहीं, फर्जी इंस्पेक्टर के पकड़े जाने की चर्चा पूरे कलेक्ट परिसर में दिनभर होती रही।

जानकारी के मुताबिक, बुधवार की सुबह कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा एक शख्स फर्जी इंस्पेक्टर निकला। वह खुद को इंस्पेक्टर बता रहा था, जबकि उसने कंधे पर एक स्टार लगा रखा था। वहीं, लोगों पर धौंस जमाने के दौरान आसपास के लोगों ने उसे घेर कर पूछताछ शुरू की। इसके बाद उसकी बातचीत और व्यवहार से लोगों के उसके ऊपर शक हुआ और उसने अपनी तैनाती महिला थाने में बता दी, जिसके बाद लोगों का शक यकीन में बदल गया।

शहर कोतवाली पुलिस ने लिया हिरासत में

मामले की जानकारी होने के बाद लोगों ने शहर कोतवाली पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी शख्स को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने बताया है कि पूछताछ के दौरान उसने कोई भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया, जबकि उसके पास से किसी तरह का परिचय पत्र भी बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने बताया कि वह खुद को इंस्पेक्टर बता रहा था, लेकिन उसने वर्दी एएसआई की पहन रखी थी।

कोतवाली पुलिस ने बताया कि आरोपी शख्स को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ की जा रही है। आरोपी ने अपना नाम शिवपाल बताया है और बताया है कि वह मूल रूप से प्रयागराज का रहने वाला है और यहां ड्यूटी के सिलसिले में मिर्जापुर कलेक्ट परिसर पहुंचा था। हालांकि, किस तरह की ड्यूटी थी, इस बारे में उसने कोई भी जानकारी नहीं दी।

जांच में जुटी पुलिस

शहर कोतवाली पुलिस ने बताया है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही वह कलेक्ट्रेट परिसर क्यों पहुंचा था, इस बारे में भी तस्दीक की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मामले का खुलासा हो सकेगा। वहीं, अपने पद स्थापना और बैच नंबर को भी बताने में आरोपी शेख एस नाकामयाब रहा।

Updated on:
17 Jun 2026 03:08 pm
Published on:
17 Jun 2026 03:08 pm
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