
तिरुवनंतपुरम। देश में आधार कार्ड को लेकर चाहे कितनी भी शंकाए हों, लेकिन इसका फायदा कितना है वो केरल के एक परिवार से बेहतर कौन बता सकता है। दरअसल, केरल में आधार कार्ड की वजह से ही 80 साल के एक बुजुर्ग को अपना परिवार मिल गया। हुआ कुछ यूं कि 80 साल का वो व्यक्ति अपने परिवार से बिछड़ गया था। कमजोर याद्दाश्त के इस बुजुर्ग शख्स को उसके परिवार से मिलाने के लिए आधार कार्ड ने अहम भूमिक निभाई।
आधार कार्ड ने 80 साल के बुजुर्ग को मिलवाया परिवार से
बताया जा रहा है कि ये शख्स बस में सवार 80 साल के भसी गंदे कपड़े पहने हुए थे। वो बार-बार केवल हनुमानमंदिर के पास उतरने की बात कह रहा था। ना तो उन्हें अपना घर पता था और ना ही किसी का पता याद था। इसके अलावा उस शख्स को अपने परिवार के किसी सदस्य का नाम भी नहीं मालूम था, लेकिन फिर पुलिस की कोशिश और आधार कार्ड ने अपना कमाल दिखाया और उस शख्स को परिवार से मिला दिया।
पुलिस ने भी बराबर का दिया साथ
पुलिस ने भसी नाम के इस शख्स की मदद की और उन्हें 26 मई को उनके परिवार से मिलाने में सहायता की। करमना के सब इंस्पेक्टर आरएस श्रीकांत ने कहा कि भसी बहुत ही कमजोर हो गए थे। याद्दाश्त कमजोर होने के साथ उनके पैरों में सूजन भी थी। उन्हें अपने नाम और पते के बारे में कुछ याद नहीं था। सौभाग्य से उनके पास आधार कार्ड था। उनकी उंगलियों की सहायता से हमने उनके घर और अन्य जानकारियों का पता लगा लिया। पुलिस ने उनके घरवालों से संपर्क किया जो कि भसी को लेकर परेशान थे। पुलिस उन्हें खुद सरकारी गाड़ी में उनके घर तक छोड़ कर आई।