
नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस ( Coronavirus ) का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ज्यादातर राज्यों में नए मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। खासतौर पर बिहार ( Coronavirus in Bihar ) में कोरोना के केस खासा इजाफा हो रहा है। लेकिन इस बीच राजधानी पटना ( Patna ) से बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल यहां एम्स ( AIIMS ) की 400 नर्सें हड़ताल ( Nurses on Strike ) पर चली गई हैं।
नर्सों के हड़ताल पर जाने के कारण अस्पताल में मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई मरीज स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए परेशान हो रहे हैं।
कोरोना संकट के बीच बिहार के पटना में मरीजों के लिए परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले अस्पताल में बेड मिलने में परेशानी तो अब बेड मिलने के बाद स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव। एम्स की चार सौ कॉन्ट्रैक्चुअल नर्सें के हड़ताल पर जाने से इनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। आपको बता दें कि पटना एम्स बिहार का इकलौता केंद्रीय हॉस्पिटल है, जहां कई वीवीआईपी कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा है।
इन मांगों को चलते हड़ताप पर नर्सें
हड़ताल पर गईं नर्सों ने अपनी नौकरी की सुरक्षा, वेतन को बढ़ाने, हेल्थ इंश्योरेंस, स्थायी कर्मचारियों की तरह छुट्टी समेत कई मांग की है।
प्रशासन ने कहा हमने मानी कुछ मांगें फिर हड़ताल जारी
एम्स प्रशासन का कहना है कि हमने कुछ मांगों को मान लिया है। हालांकि अभी भी नर्सों की हड़ताल जारी है। इसका खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ रहा है।
जिला प्रशासन ने उठाए सख्त कदम
पटना एम्स में नर्सों के हड़ताल को देखते हुए जिला प्रशासन ने वहां पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती कर दी है। प्रदर्शन स्थल पर भी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके साथ-साथ एम्स के गेट पर आने-जाने वालों की चेकिंग की जा रही है, ताकि बाहरी लोग अनावश्यक रूप से एम्स में नहीं प्रवेश कर जाए।
दरअसल बिहार में पहले ही कोरोना मरीजों को अस्पताल में बेड ना मिलने की वजह से उन्हें यहां-वहां भटकना पड़ रहा है। ऐसे में बड़ी संख्या में नर्सों के हड़ताल पर चले जाने से अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर भी बुरा असर पड़ रहा है। इसका खामियाजा कोरोना के मरीजों को ही भुगतना पड़ रहा है।