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बद्रीनाथ यात्रा शुरूः 15 क्विंटल फूलों से सजा दरबार, चारधाम श्रद्धालुओं से खुश उत्तराखंड

देवभूमि उत्तराखंड स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल बद्रीनाथ धाम के कपाट सोमवार खुल गए हैं। कपाट ब्रह्ममुहूर्त में सुबह साढ़े चार बजे खोले गए।

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नई दिल्ली। चार धामों में शुमार देवभूमि उत्तराखंड स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल बद्रीनाथ धाम के कपाट सोमवार खुल गए हैं। कपाट ब्रह्ममुहूर्त में सुबह साढ़े चार बजे खोले गए। गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट पहले ही खुल चुके हैं। ऐसे में अब उत्तराखंड की चारधाम यात्रा पूरी तरह से शुरू हो गई है और श्रद्धालुओं-पर्यटकों के आने से स्थानीय लोगों के चेहरे खिलने लगे हैं। यात्रा का शुभारंभ 15 क्विंटल फूलों की सजावट, सेना के बैंड की धुन और श्रद्धालुओं के जबर्दस्त जयकारों के बीच हुआ।

आधी रात से लगी श्रद्धालुओं की भीड़
मंदिर प्रवेश के लिए कितना जबर्दस्त उत्साह था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दर्शन के लिए आधी रात के बाद ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। कपाट खोलने की तैयारी तड़के तीन बजे ही शुरू हो गई थी। रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी अपने आवास से उद्धव जी को लेकर मंदिर के सिंहद्वार पहुंचे, जबकि बामणी गांव के बारीदार नंदा देवी मंदिर से भगवान कुबेर को सिंहद्वार तक लेकर आए। सिंहद्वार पर तड़के साढ़े तीन बजे प्रार्थना मंडप में पूजा शुरू हुई। इसके बाद सुबह करीब साढ़े चार बजे मंदिर के कपाट खोल दिए गए। इसके बाद गर्भगृह में पूजा शुरू हुई। सर्दियों के दौरान भगवान बद्रीविशाल के साथ मौजूद रहीं मां लक्ष्मी को कपाट खुलने के बाद मंदिर परिक्रमा स्थल स्थित लक्ष्मी मंदिर में लाया गया। पहले दिन विशेष प्रसाद के रूप में शीतकाल में भगवान पर लगाए गए एकमात्र अंगवस्त्र घृत कंबल ऊन की चोली को श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में दिया गया।

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चारधाम यात्रा मार्ग पर ग्रामीणों के चेहरे खिले
उत्तराखंड के लोगों के लिए पर्यटन और तीर्थाटन रोजगार का सबसे महत्वपूर्ण जरिया है। राज्य की अर्थव्यवस्था में इसका योगदान सबसे ज्यादा होता है। चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं की चहलकदमी बहुत तेजी से बढ़ती है। ऐसे में स्थानीय लोगों के चेहरे खिलने लगे हैं। इन दिनों यहां लोग अपने घरों को गेस्ट हाउस में तब्दील कर देते हैं। इसके अलावा रेस्टोरेंट बिजनेस भी तेजी से बढ़ता है।

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Updated on:
30 Apr 2018 09:08 am
Published on:
30 Apr 2018 09:18 am
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